सरकारी अस्पतालों में रोगियों को दी जाने वाली दवा मानकों पर खरी नहीं है। सीएमओ दफ्तर स्थित औषधि भंडार से लिया गया एक दवा का नमूना मानक के अनुरूप लेबलिंग न होने पर जांच में फेल आया है। औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने नमूना फेल आने पर भंडार की दवा आपूर्ति पर रोक लगा दी है।
भंडार में कितना स्टॉक बचा है, इसका ब्योरा तलब किया गया है। वहीं एक दुकान से लिया गया दवा का नमूना भी फेल आया है, जिस पर दुकानदार को नोटिस दिया गया है। औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने 31 मई 2016 को सीएमओ दफ्तर स्थित औषधि भंडार से सिपलेक्सिन कैप्सूल-250 का नमूना लेकर जांच के लिए लखनऊ लैब भेजा था।
ड्रग इंस्पेक्टर के मुताबिक जांच में दवा का नमूना मिथ्याछॉप पाया गया है। यानि दवा की लेबलिंग मानक के अनुरूप नहीं है। जांच में नमूना फेल आने पर इस सरकारी दवा की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। साथ ही औषधि भंडार कक्ष के प्रभारी से दवा स्टॉक की जानकारी मांगी गई है।
इसके अलावा 20 मई 2016 को शहर के रामजीपुरम बस्तेपुर से फिलिक्स फार्माक्यूटिकल से लियोफाक्सिन टैबलेट का नमूना भी लखनऊ लैब जांच के लिए भेजा गया था। ड्रग इंस्पेक्टर के मुताबिक जांच में लियोफाक्सिन टैबलेट मानकों पर खरी नहीं है।
वहीं औषधि निरीक्षक ने गुरुवार को आस्था मेडिकल स्टोर हरचंदपुर में छापा मारा। यहां पर दवा का रखरखाव ठीक नहीं पाया गया। इसके बाद प्रभु मेडिकल स्टोर रामगंज में छापा मारा गया। यहां पर बिलिंग ठीक तरीके से नहीं की जा रही थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि दुकानदारों को नोटिस दिया गया है।