रायबरेली। शिवगढ़ ब्लॉक के बहुदाखुर्द के कोटेदार ने घपले की सारी हदें पार कर दी हैं। गरीबों को सही तरीके से राशन न देने की जांच के बाद कोटे की दुकान को निलंबित करते ही कोटेदार ने करीब 60 क्विंटल राशन बाजार में बेच दिया। मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज कराने के साथ ही लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। कोटेदार की 5000 रुपये की जमानत राशि भी जब्त कर ली गई है। डकारे गए राशन की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई है।
शिवगढ़ ब्लॉक के बहुदाखुर्द गांव के कोटेदार रामखेलावन के खिलाफ शिकायत हुई थी कि वह गरीबों को पूरा राशन नहीं देता है और बाजार में राशन भी बेच रहा है। जांच के बाद कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया गया था। बताते हैं कि दुकान के निलंबित होते ही कोटेदार ने 60 क्विंटल राशन बाजार में बेच दिया था।
मामले में डीएम के अनुमोदन के बाद कोटेदार रामखेलावन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। कोटे का लाइसेंस निरस्त करके पांच हजार रुपये की जमानत राशि भी जब्त कर ली गई है। डकारे गए राशन की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई है।
प्रभारी डीएसओ सुरेश कुमार ने बताया कि बहुदाखुर्द कोटेदार ने निलंबित होने के बाद राशन बाजार में बेच दिया था। मुकदमे के साथ ही दुकान को निरस्त किया गया है। इसके अलावा ताजपुर कोटेदार पर भी मुकदमा हुआ है। कुंभी दुकान भी निरस्त कर दी गई है। अन्य दुकानों को निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
महराजगंज क्षेत्र के कुंभी के कोटेदार सुंदरलाल बार-बार निर्देशों के बाद भी घटतौली से बाज नहीं आ रहे थे। जांच के बाद दुकान को सस्पेंड कर दिया गया था। अब दुकान को निरस्त कर दिया गया है। पांच हजार रुपये की जमानत राशि को भी जब्त कर लिया गया है। जल्द ही गांव में कोटे की नई दुकान का चयन कराया जाएगा।
अमावां ब्लॉक के ताजपुर के कोटेदार ने गरीबों में बंटने वाले चने को डकारकर बाजार मेें बेच दिया था। मामले में जांच के बाद कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। संयुक्त खाद्य आयुक्त की जांच में फर्जी तरीके से प्राक्सी करके राशन डकारने का मामला पकड़ में आने पर एक और मुकदमा दर्ज कराया गया है। दुकान को सस्पेंड करने के बाद निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राही ब्लॉक के परमानपुर में फर्जी प्राक्सी से राशन डकारने के मामले में मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद दुकान को निलंबित करके निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।