रायबरेली। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बछरावां में विज्ञान की पूर्णकालिक शिक्षिका के पद पर तैनात रही अनामिका शुक्ला की संविदा समाप्त कर दी गई है। मानदेय के रूप में प्राप्त की गई 2.58 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश भी हो गया है। शिक्षिका को भेजे आदेश में साफ कहा गया है कि तत्काल धनराशि जमा कराएं, अन्यथा इस रकम की वसूली भू-राजस्व से की जाएगी।
प्रदेश के कई जिलों में संचालित कस्तूरबा विद्यालय में विज्ञान की पूर्णकालिक शिक्षिका के रूप में अनामिका शुक्ला के नियुक्त होने का पता चला तो हड़कंप मच गया। छानबीन में बछरावां में संचालित कस्तूरबा विद्यालय में भी अनामिका शुक्ला के कार्यरत होने की जानकारी हुई। इस शिक्षिका ने कस्तूरबा बछरावां में 8 मार्च 2019 को कार्यभार ग्रहण किया था।
फर्जीवाड़े की आशंका पर बीएसए ने 21 मार्च 2020 को अनामिका शुक्ला का मानदेय रोकते हुए शैक्षिक अभिलेखों को सत्यापन के लिए संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालय को भेजा गया। संबंधित शिक्षिका को भी नोटिस जारी करते हुए एक हफ्ते के भीतर बीएसए दफ्तर में उपस्थित होने का आदेश दिया गया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुई। नोटिस जारी होने के लगभग दो महीने बाद 26 मई को वार्डन के वाट्सएप पर त्यागपत्र भेज दिया।
जिला शिक्षा परियोजना समिति की अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद अनामिका शुक्ला की संविदा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। इसके अलावा मानदेय के रूप में प्राप्त दो लाख 58 हजार 298 रुपये की रिकवरी के आदेश भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निर्गत कर दिया है।
जिला शिक्षा परियोजना समिति के अनुमोदन के बाद सेवा शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में अनामिका शुक्ला की संविदा समाप्त की जा चुकी है। फर्जी अभिलेखों और शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर मिली नौकरी में प्राप्त किए गए मानदेय की रिकवरी के लिए शिक्षिका के मैनपुरी जिला स्थित पते पर आदेश भेज दिया गया है। तत्काल धनराशि जमा नहीं की गई तो भू-राजस्व से वसूली की जाएगी।- आनंद प्रकाश शर्मा, बीएसए