रायबरेली। जीआईसी ग्राउंड में रायबरेली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के उत्पाद लोगों को लुभा रहे हैं। ऊनी कपड़े, क्रॉकरी, वुडन क्राफ्ट, लकड़ी के बर्तन व ड्राई फ्रूट्स की एक बढ़कर एक वैरायटी उपलब्ध है। सभी उत्पादों में कश्मीर के ड्राई फ्रूटस का अपना अलग ही रंग है। लोगों को यह खासे पसंद आ रहे हैं। खासकर हेजलनट को स्वास्थ्य का खजाना माना जा रहा है।
ठंड में लोग ड्राई फ्रूटस को भी खानपान में उपयोग करते हैं। रायबरेली महोत्सव में कश्मीर के ड्राई फ्रूटस के स्टॉल लगे हुए हैं। इसमें हेजलनट को लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं।अमूमन यह बाजार में बहुत कम मिलता है। कश्मीर से इसे विदेशों में निर्यात किया जाता है। यह खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है। इसका स्वाद चॉकलेट और बादाम की तरह होता है। बहुत अच्छी क्वालिटी की आइसक्रीम में इसका उपयोग किया जाता है।
हेजलनेट की बाग लगाने वाले व्यापारी कश्मीर के अनंतनाग निवासी मोहम्मद अल्ताफ बताते हैं कि वह पिछले 14 सालों से रायबरेली महोत्सव में ड्राई फ्रूटस के स्टॉल लगाते रहे हैं। लोग हेजलनट को अधिक पसंद करते हैं। इसका दाम दो हजार रुपये किलो है। यह अनंतनाग, शोपियां, श्रीनगर में होता है।
इनको भी लोग कर रहे पसंद
कश्मीरी ड्राई फ्रूटस के स्टॉल पर लोग चेरी, कश्मीरी कहवा, पहाड़ी लहसुन, ब्लू बेरी, केन बेरी, कीवी, चिकगोजा, खुबानी, अंजीर, चियासीड, वारंटी अखरोट को खरीद रहे हैं।
कजाकिस्तान का अखरोट भी लाजवाब
कजाकिस्तान का भी अखरोट रायबरेली महोत्सव में बिक रहा है। इस अखरोट की खासियत उसका साइज है। यह आम अखरोट से बड़ा होता हैै और कठोर कम होता है और इसमें जो गिरी होती है वह छिलकों से ढकी नहीं होती है। यह अखरोट कजाकिस्तान से कश्मीर के व्यापारी आर्डर देकर मंगाते हैं।