कानपुर में हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे में रायबरेली जिले के एक बुजुर्ग घायल हुए हैं। हादसे के बाद जिले में भी रेल ट्रैक की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। आरपीएफ जिले से होकर गुजरे रेल ट्रैक की चेकिंग कर रही है।
हालांकि अधिकारियों का दावा है कि ट्रैक पूरी तरह से ठीक और ट्रेनों का संचालन बेहतर ढंग से हो रहा है। हादसे की वजह से लखनऊ-रायबरेली रूट पर कोई असर नहीं पड़ा है। जिले से होकर रायबरेली-लखनऊ, रायबरेली-इलाहाबाद, रायबरेली-प्रतापगढ़ आदि रेल लाइनें बिछाई गई हैं।
कानपुर ट्रेन हादसे के बाद एक बार फिर रैल ट्रैक की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ट्रेन हादसे के बाद आरपीएफ रेल ट्रैक की चेकिंग कर रही है। आरपीएफ थानेदार प्रताप सिंह नेगी का कहना है कि ट्रेन हादसे के बाद रेल ट्रैक की चेकिंग के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
उधर, जीआरपी की ओर से रेलवे स्टेशन पर रविवार को चेकिंग भी की गई। थानेदार चेतराम वर्मा, दरोगा कंचन सिंह ने टीम के साथ यात्रियों की चेकिंग की। वहीं ट्रेन हादसे में रायबरेली जिले के अहोरवाबक्श सिंह (60) पुत्र शारदाबक्श सिंह घायल हुए हैं।
अहोरवाबक्श को कानपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनकी हालत गंभीर देख डॉक्टर ने उन्हें हैलेट अस्पताल रेफर कर दिया। जहां उसका इलाज चल रहा है। घायल जिले के किस थाना क्षेत्र और गांव के रहने वाले है, इसकी जानकारी नहीं हो पाई है।
रायबरेली जिले में भी कानपुर जैसा हादसा हो चुका है। रविवार को कानपुर में हुए हादसे की जानकारी से बछरावां में हुए हादसे की याद ताजा हो गई। वर्ष 2014 में रायबरेली-लखनऊ रेलखंड पर बछरावां कस्बे के पास जनता एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
इसमें 28 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 50 लोग घायल हुए थे। यह हादसा कैसे हुआ था, इसकी जांच अभी तक चल रही है।