रायबरेली। रायबरेली-कानपुर पैसेंजर ट्रेन सोमवार को रायबरेली से एक घंटे देर से रवाना की गई, क्योंकि रविवार को कानपुर-रायबरेली पैसेंजर ट्रेन पौने दो घंटे विलंब से रायबरेली लौटी थी। ट्रेन को मेंटेनेंस के बाद ही दौड़ाया जाता है, जिसके लिए पर्याप्त समय जरूरी है। देर से आने पर मेंटेनेंस में समय लगा, जिससे देर से रवाना की गई।
जिले से होकर गुजरने वाली नौचंदी समेत कई अन्य ट्रेनों की लेटलतीफी ने यात्रियों को परेशान किया। सोमवार को प्रयागराज-कानपुर पैसेंजर पौने दो घंटे, सहारनपुर-प्रयागराज नौचंदी एक्सप्रेस एक घंटे, प्रयागराज-बरेली एक्सप्रेस व पुरी-आनंद विहार नीलांचल एक्सप्रेस पौन घंटे और लखनऊ-प्रयागराज पैसेंजर, बनारस-देहरादून जनता मेल, हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल व लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस आधे घंटे विलंब से आई।
रविवार को देर रात प्रयागराज-लखनऊ पैसेंजर पांच घंटे और नई दिल्ली-बनारस काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस व बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस पौन घंटे विलंब से आई। इन ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को काफी परेशानी हुई।
ट्रेन की चपेट में आने से यात्री की मौत
रायबरेली। गुजरात के एक वृद्ध यात्री की सोमवार को ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना अमेठी जिले के फुरसतगंज स्टेशन पर हुई। राजकीय रेलवे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जीआरपी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार ने बताया कि गुजरात के राजकोट निवासी जे. मनसुख (65) दर्शन करने के लिए वाराणसी गए थे। इसके बाद हरिद्वार में दर्शन करने के लिए जाना था, इसलिए बनारस-देहरादून जनता मेल से जा रहे थे। फुरसतगंज स्टेशन पर पानी लेने के लिए उतरे। ट्रेन चलने लगी तो वापस चढ़ते समय हादसा हो गया। इसी ट्रेन की चपेट में आने से यात्री की मौत हो गई।