रायबरेली। जिले में बुधवार एक जुलाई से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबीजीरामजी) योजना गांवों में शुरू हो जाएगी। यह योजना मनरेगा के बंद होने के बाद श्रमिकों को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी। पहले दिन गांवों में पक्के-कच्चे 94 कार्यों को शुरू कराने का लक्ष्य तय किया गया है। शासन की मंशा पर जिले में जीरामजी को शुरू कराने के लिए विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है।
उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल का कहना है कि जीरामजी योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजित करना है। यह नई योजना पूर्ववर्ती मनरेगा योजना का स्थान लेगी, जिसे अब बंद कर दिया गया है। एक जुलाई से इस नई योजना के तहत विभिन्न विकास कार्य शुरू हो जाएंगे। मनरेगा में लंबित भुगतान को निपटाने के लिए शासन से नौ करोड़ रुपये मिले हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा में श्रमिकों को एक साल में 100 दिन रोजगार मिलता था, लेकिन जीरामजी में अब 125 दिन रोजगार मिलेगा। योजना में अन्य नई सुविधाएं जोड़ी गई है, जिससे श्रमिकों को लाभ होगा।
उन्होंने बताया कि सभी ब्लॉकों के जिम्मेदार अधिकारियों को जीरामजी योजना में अधिक से अधिक काम तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि श्रमिकाें को समय से उनके द्वारा किए श्रम का भुगतान मिल सकेगा।