एम्स के पीछे सरकारी जमीन पर हुए अवैध निर्माण को गिराती जेसीबी।
रायबरेली। रायबरेली विकास प्राधिकरण (आरडीए) का प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान शुक्रवार को भी जारी रहा। एम्स के आसपास तीन स्थानों पर अवैध रूप से कराई गई प्लॉटिंग के 210 से अधिक प्लॉटों को जेसीबी से ध्वस्त कराया गया। इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध करने का प्रयास किया लेकिन भदोखर पुलिस के पहुंचते ही विरोध करने वाले चले गए। तीन दिन में 1200 से अधिक अवैध प्लॉटों को ध्वस्त कराया गया है।
रायबरेली विकास प्राधिकरण ने पूर्व में प्रापर्टी डीलरों को नोटिस देकर जवाब मांगा था। इसके बाद भी प्रापर्टी डीलरों ने जवाब नहीं दिया। नियमानुसार बिना ले आउट पास कराए प्लॉटिंग नहीं की जा सकती है लेकिन शहर में आदेशों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से प्लॉटिंग का खेल चल रहा है। आरडीए के सचिव विशाल यादव के आदेश पर शुक्रवार को अवर अभियंता शिवओम त्यागी, निष्ठा साहू, शिवकुंवर की टीम ने प्लॉटों को ध्वस्त कराने को अभियान शुरू किया।
सबसे पहले एम्स के पीछे नहरिया के पास अमित यादव के 100 से अधिक प्लॉटों को ध्वस्त कराया। यहां करीब दो बीघे भूमि पर प्लॉटिंग की गई है। डलमऊ रोड मुंशीगंज में पासापुर सुलखियापुर के पास विनय द्विवेदी करीब दो बीघे भूमि पर भूखंड काटकर बिक्री कर रहे हैं। आरडीए की जेसीबी ने यहां 75 से अधिक प्लॉटों को ध्वस्त करा दिया।
डलमऊ रोड मुंशीगंज में भी डब्बू यादव की ओर से करीब एक बीघे भूमि पर बनाए गए 40 से अधिक प्लॉटों को ध्वस्त कराया गया। इस दौरान प्रापर्टी डीलरों ने विरोध करने का प्रयास किया। आरडीए के सचिव विशाल यादव ने बताया कि शहर में अवैध रूप से कराई गई प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। कई और स्थलों पर बनाए गए प्लॉटों को ध्वस्त कराया जाएगा।