रायबरेली। दानापुर से आनंद विहार जाने वाली जनसाधारण एक्सप्रेस रविवार को तड़के रायबरेली स्टेशन पर करीब एक घंटे खड़ी रही। इस ट्रेन का यहां स्टॉपेज नहीं है, लेकिन अमेठी जिले में हुई घटना के बाद ट्रेन में आई खराबी के कारण इसे यहां रोका गया। ट्रेन का परीक्षण कर खामी दुरुस्त की, फिर ट्रेन आगे रवाना हुई। इससे ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को परेशानी हुए।
दानापुर से आनंद विहार के लिए चली जनसाधारण एक्सप्रेस अमेठी से रवाना हुई थी कि कुछ दूर जाने के बाद मवेशी चपेट में आ गए। इससे ट्रेन में खराबी आ गई। धीमी रफ्तार में ट्रेन को अगले स्टेशन गौरीगंज पहुंचाया, जहां एक घंटे ट्रेन को रोक कर खराबी पता करने की कोशिश की। कोई सफलता नहीं मिल पाई तो धीमी रफ्तार में ही रायबरेली स्टेशन लाया गया, जहां स्टॉपेज न होने के बाद भी एक घंटे तक ट्रेन खड़ी रही। ट्रेन का गहनता से परीक्षण कराया गया। खामियां दुरुस्त कर ट्रेन को धीमी रफ्तार से लखनऊ रवाना किया गया।
पहले से लेट चल रही इस ट्रेन की लेटलतीफी हादसे की वजह और बढ़ गई। गौरीगंज से रवाना हुई तो तीन घंटे से ज्यादा लेट थी। इसके बाद रायबरेली में देर तक रुकी, जिससे लखनऊ पहुंचने पर ट्रेन की लेटलतीफी पांच घंटे हो गई। यातायात निरीक्षक राजेश कुमार का कहना है कि जनसाधारण एक्सप्रेस से अमेठी और ताला स्टेशनों के बीच मवेशी टकरा गए, जिससे ट्रेन में खराबी आई। खराबी दूर करने के लिए पहले गौरीगंज, फिर रायबरेली में ट्रेन देर तक रोकी गई।
तीन घंटे विलंब से आई नौचंदी
रायबरेली। जिले से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री परेशान हुए। रविवार को सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस तीन घंटे विलंब से पहुंची। चंडीगढ़-प्रयागराज ऊंचाहार एक्सप्रेस ने डेढ़ घंटे, प्रयागराज-चंडीगढ़ ऊंचाहार एक्सप्रेस व प्रयागराज-कानपुर पैसेंजर ने एक घंटे इंतजार कराया।
अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल व प्रयागराज-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस पौन घंटे और प्रयागराज-बरेली एक्सप्रेस व आनंद विहारी-पुरी नीलांचल एक्सप्रेस आधे घंटे विलंब से आई। गोरखपुर लौटने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस भी 10 मिनट लेट रही। शनिवार की रात बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस व प्रयागराज-लखनऊ पैसेंजर डेढ़ घंटे, प्रयागराज-सहारनपुर नौचंदी एक्सप्रेस पौन घंटे, कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस आधे घंटे देर से आई।
जनरल बोगियों में भीड़, धक्कामुक्की
रायबरेली। एक तरफ ट्रेनों के विलंब से आने के कारण यात्री परेशान हुए, वहीं ट्रेनों के जनरल कोचों में भीड़ अधिक होने पर यात्रियों को धक्कामुक्की करनी पड़ी। रविवार को दोपहर में पंजाब मेल और जनता मेल पहुंची तो प्लेटफार्म पर इंतजार कर रहे यात्री टूट पड़े। इससे ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों के साथ नोकझोंक भी हुई।
यह कोई एक दिन की घटना नहीं, बल्कि हर रोज होती रहती है। लंबी दूरी की ट्रेनों में सामान्य बोगियां कम होने और भीड़ अधिक रहने के कारण ऐसा होता है। पंजाब मेल में बैठने के लिए सीट मिलना तो दूर, खड़े होने की जगह भी बमुश्किल मिल पाती है। यही वजह है कि पहले ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्कामुक्की करनी पड़ती है, फिर उतरने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।