रायबरेली। जिले के ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में सस्ती दवाओं की दुकानें खोलने की मंशा तार-तार हो गई है। तीन माह पहले लाइसेंस मिलने के बाद 14 सीएचसी में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र संचालित नहीं किए गए हैं। ऐसे में डॉक्टर बाजार की महंगी दवाएं मरीजों को देकर अपनी जेब गर्म कर रहे हैं।
शासन से जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में जन औषधि केंद्र संचालित कराने के आदेश दिए हैं, जिससे मरीजों को बाजार से महंगी दवाएं न खरीदनी पड़े। जिला महिला और पुरुष अस्पतालों के साथ ही सभी 19 सीएचसी में यह केंद्र खोले जाने हैं। अस्पतालों में मुफ्त दवाएं मिलने के बाद जरूरी दवाएं इन केंद्रों से कम मूल्य में खरीदी जा सकेंगी।
जिले के जिला महिला और पुरुष अस्पतालों के अलावा सीएचसी ऊंचाहार, रोहनियां, बछरावां, दीनशाह गौरा, खीरों, सरेनी, नसीराबाद, लालगंज, हरचंदपुर, बेलाभेला, खजूरगांव, शिवगढ़ में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर शीवेंद्र प्रताप सिंह ने लाइसेंस तीन महीने पहले ही जारी कर दिए, लेकिन अब तक जनऔषधि केंद्र नहीं खोले गए हैं। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा का कहना है कि सभी सीएचसी अधीक्षकों को जनऔषधि केंद्र संचालित कराने के निर्देश दिए गए हैं।