रायबरेली। सीने में दर्द उठने के बाद बृहस्पतिवार को अधेड़ की सांसें थम गईं। आठ से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया। बेड पर सीधे ऑक्सीजन की आपूर्ति न होने के कारण मरीजों को प्राणवायु मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन प्लांट को ठीक कराने में नकारा रवैया अपनाए है।
भदोखर क्षेत्र के मेजरगंज गांव निवासी जितेंद्र प्रताप (50) पुत्र संपतलाल को गत बुधवार की रात सीने में दर्द उठने से हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। बृहस्पतिवार सुबह अधेड़ की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को सीने में दर्द उठने के बाद ध्रुव (4), आभा गुप्ता (60), शांती देवी (67), विश्वनाथ (55), मोहित कुमार (32), उड्डनलाल (60) समेत आठ से अधिक मरीजों को भर्ती करके इजाज शुरू किया गया।
ऑक्सीजन प्लांट के ठीक न होने के कारण बेडों तक प्राणवायु न पहुंचने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर सांस की समस्या के साथ ही अन्य रोगियों को कंसंट्रेटर के भरोसे जान बचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्लांट के ठीक न होने के कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी सांस व सीने में दर्द के काफी मरीज पहुंचे। ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. सलीम का कहना है कि मौसम में बदलाव होने के बाद भी लोग एहतियात नहीं बरत रहे हैं। इसके अलावा दिवाली पर पटाखों के कारण समस्या बढ़ी है।
बुखार के 22 से अधिक मरीज भर्ती
जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को बुखार के 22 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया। संजीत कुमार (18), काव्या (6), सोनी (38), शांती (47), उमेश कुमार (38), अंतिमा (16), रामू (28), अर्श (12), शिवलाल (57), अभय (18) समेत अन्य मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि माैसम बदल रहा है। ऐसे में लोग एहतियात बरतें। सीने में दर्द, बुखार, जुकाम, उल्टी-दस्त की समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक के पास पहुंचकर इलाज कराएं। इसमें कतई लापरवाही न बरतें।