रायबरेली। राज्य कर विभाग में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जमा करने के नाम पर फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। फर्म के संचालक ने लगभग 11 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाकर बिना जीएसटी जमा किए ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को पास करा लिया। जांच में मामला पकड़ में आने के बाद सहायक राज्य कर आयुक्त ने मिल एरिया थाने में फर्म के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
शहर के राघवेंद्र ने डॉ. रमाकांत पांडेय निराला नगर का पता दिखाकर मेसर्स रघु इंटरप्राइजेज मलिकमऊ रोड के नाम पर राज्य कर विभाग में बीते 13 अक्तूबर को पंजीयन कराया। फर्म के मालिक के आधार के अनुसार आवासीय पता 95 सत्य नगर है। मिल एरिया थाने में शिकायतीपत्र देकर सहायक आयुक्त राज्यकर रामनरेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि फर्म के संचालक ने पिछले अक्तूबर में ही 21 इनवाइस के माध्यम से 11.01 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया।
आरोप है कि फर्म संचालक को 1.98 करोड़ जीएसटी जमा करनी था, लेकिन उसे जमा नहीं किया। व्यापारी ने किसी भी प्रकार के समान की आपूर्ति न करके फ्रॉड किया। बिना माल की आपूर्ति किए केवल बोगस आईटीसी पास कराकर राजस्व को नुकसान पहुंचाया।
मामले में मेसर्स रघु इंटरप्राइजेज के संचालक राघवेंद्र के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मिल एरिया थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने बताया कि राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त की ओर से मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।