रायबरेली। जेल रोड की बदहाली दूर होने में अभी और समय लगेगा। वजह, बुधवार को नगर पालिका परिषद रायबरेली की बोर्ड की बैठक में सभासदों के हंगामे और विरोध के चलते जेल रोड को लोक निर्माण विभाग को हैंडओवर करने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई।
सभासदों ने नगर पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर के 50 लाख रुपये तक के कार्य कराने के एजेंडे को वापस लेने की मांग करते हुए हंगामा किया। मांग रखी कि इसे बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखा जाए। बाद में कोरम पूरा न होने पर बोर्ड की बैठक स्थगित कर दी गई।
सुपर मार्केट स्थित नगर पालिका परिषद रायबरेली के सभासद हाल में शाम तीन बजे पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक शुरू हुई। बोर्ड की बैठक में 34 सभासदों ने भाग लिया। अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह बैठक का संचालन कर रहे थे। पालिकाध्यक्ष ने प्रस्ताव रखा कि जेल रोड खस्ताहाल है।
इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होगी। सड़क की मरम्मत पर पांच करोड़ रुपये का खर्च आएगा। नगर पालिका के पास इतनी धनराशि नहीं है। इसलिए जेल रोड को लोक निर्माण विभाग को सौंपा जाना है। इस पर सभी सभासदों की सहमति जरूरी है।
सभासद सतीश कुमार मिश्र, पंकज साहू, जय प्रकाश वर्मा, संजय श्रीवास्तव, रामखेलावन बारी, कमरुद्दीन, पुष्पा यादव, मोहित सिंह, श्रवण कुमारी, सुनीता पाल, सबिस्ता बृजेश, रीता देवी, जमुना देवी, कुसुमा देवी, नूरजहां, बृजेश पांडेय, सूफियान, मो. हुसैन, सुशील धनगर, शैलेंद्र यादव, हसीना बानो, आशा सिंह आदि ने सबसे पहले पालिकाध्यक्ष के 50 लाख तक के कार्य की क्षमता कराने के एजेंडे को वापस लेने की मांग रखी। पालिकाध्यक्ष ने विरोध किया तो सभासदों ने हंगामा और प्रदर्शन किया।