सीबीआई के सामने पेश हुए विवेचक व सीओ
रायबरेली। उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता की चाची-मौसी की मौत के मामले की जांच सीबीआई ने और तेज कर दी है। मामले के विवेचक राकेश सिंह और सीओ लालगंज लक्ष्मीकांत गौतम गुरुवार को लखनऊ पहुंचकर सीबीआई के सामने पेश हुए और घटना से जुड़े सभी दस्तावेज सौंपे। इस दौरान सीबीआई टीम के सवाल जवाब से विवेचक-सीओ को पसीना आ गया।
अफसरों ने जानने का प्रयास किया कि यह सब सुनियोजित था या फिर एक हादसा। इस मामले में उन्नाव के भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 30 लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या की साजिश समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में रायबरेली-लालगंज राजमार्ग (कानपुर हाईवे) पर सुल्तानपुर खेड़ा गांव के मोड़ के पास रविवार को कार और ट्रक भिड़ंत में उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता की चाची-मौसी की मौत हो गई थी जबकि पीड़िता और उनका वकील घायल हो गया था।
सीबीआई की 12 सदस्यीय टीम ने यहां पहुंचकर बुधवार को पड़ताल की थी। साथ ही सीबीआई ने मामले के विवेचक गुरुबख्शगंज थानेदार राकेश सिंह और सीओ लालगंज लक्ष्मीकांत गौतम को पूर्वाह्न 11 बजे लखनऊ तलब किया था। विवेचक और सीओ गुरुवार को लखनऊ में सीबीआई के सामने पेश हुए। मामले की केश डिायरी समेत अन्य प्रकरण से संबंधित सभी दस्तावेज सीबीआई के अफसरों को सौंपे।
सीबीआई ने विवेचक और सीओ से कई घंटे तक पूछताछ करके प्रकरण का सच जानने का प्रयास किया। ट्रक के आगे वाले हिस्से पर लिखे नंबर पर कालिख पोतने की वजह जानी। ट्रक की स्पीड क्या था। कानपुर हाईवे स्थित टोल टैक्स से निकलवाई गई सीसीटीवी फुटेज को भी सीबीआई के अफसरों ने देखा।
ट्रक चालक आशीष पाल और क्लीनर मोहन श्रीवास ने घटना से संबंधित क्या बयान दिए, इस पर भी सीबीआई ने विवेचक व सीओ से पूछताछ की। करीब पूर्वाह्न 11 बजे विवेचक और सीओ सीबीआई के सामने पेश हुए। शाम छह बजे विवेचक राकेश सिंह से अमर उजाला ने बातचीत की तो उन्होंने बताया कि अभी हम लखनऊ में हैं। पूछताछ चल रही है अभी और समय लगेगा। सीओ लालगंज लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि मैंने और विवेचक-गुरुबख्शगंज थानेदार राकेश सिंह लखनऊ पहुंचकर सीबीआई को घटना से जुड़े सभी दस्तावेज हैंडओवर कर दिए हैं। साथ ही सीबीआई की ओर से जो भी जानकारी मांगी गई उन्हें उपलब्ध करा दी गई है। जांच में सीबीआई का पूरा सहयोग किया जा रहा है।