रायबरेली। प्रतापगढ़ जिले में दोहरीकरण कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इससे बुधवार को ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा। लखनऊ-बनारस इंटरसिटी एक्सप्रेस तीन घंटे देर से चलाई गई। नई दिल्ली से आने वाली काशी विश्वनाथ की लेटलतीफी ज्यादा होने के कारण दूसरे रास्तों से चलाई गई।
लखनऊ और बनारस के बीच दौड़ने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस पिछले महीने से ही लखनऊ से रायबरेली के बीच निरस्त है। यही वजह है कि यह ट्रेन बनारस और रायबरेली के बीच दौड़ रही है। प्रतापगढ़ में चल रहे काम की वजह से बुधवार को बनारस-लखनऊ इंटरसिटी करीब ढाई घंटे विलंब से रायबरेली स्टेशन पहुंची। दोपहर में लखनऊ-बनारस इंटरसिटी को रवाना होना चाहिए था, लेकिन प्रतापगढ़ में देर तक काम चलने के कारण यह ट्रेन तीन घंटे विलंब से शाम को रवाना की गई।
नई दिल्ली से बनारस जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस मंगलवार की रात आने के बजाए सवा नौ घंटे देरी से बुधवार को सुबह पहुंची। लेटलतीफी की वजह से इस ट्रेन को रायबरेली के बाद प्रतापगढ़ के रास्ते नहीं भेजा जा सका। यह ट्रेन दूसरे रास्ते से बनारस भेजी गई। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि प्रतापगढ़ जिले में चल रहे काम की वजह से बनारस इंटरसिटी को तीन घंटे देर से चलाया गया, वहीं काशी विश्वनाथ भी काफी लेट होने के कारण दूसरे रास्ते से दौड़ी।
ट्रेनों की लेटलतीफी से जूझते रहे यात्री
रायबरेली। जिले से होकर गुजरी ट्रेनों की लेटलतीफी ने यात्रियों को परेशान किया। बुधवार को लखनऊ-प्रयागराज पैसेंजर साढ़े तीन घंटे, दिल्ली-प्रतापगढ़ पद्मावत एक्सप्रेस, बनारस-देहरादून जनता मेल दो घंटे, देहरादून-बनारस जनता मेल, टनकपुर-सिंगरौली त्रिवेणी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, मुंबई-प्रतापगढ़ उद्योग नगरी एक्सप्रेस सवा घंटे, सहारनपुर-प्रयागराज नौचंदी एक्सप्रेस, प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस, प्रयागराज-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस एक घंटे, सिंगरौली-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस, भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस पौन घंटे विलंब से आई।
मंगलवार की रात बनारस-नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस पौने सात घंटे, कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस पौने दो घंटे, बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस, प्रयागराज-लखनऊ पैसेंजर आधे घंटे विलंब से पहुंची। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि सभी ट्रेनें पिछले स्टेशनों लेट होने के कारण यहां देर से पहुंची हैं।