रायबरेली। जिला उपभोक्ता विवाद एवं प्रतितोष आयोग ने शुक्रवार को एक मुकदमे की सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी को 5.25 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। 45 दिन में भुगतान न देने पर सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा। एक हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी बीमा कंपनी देगी।
छोटी तकिया कानपुर रोड राजघाट निवासी मनीष पांडेय ने अपने ट्रक का बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से नौ जून, 2023 को एक साल के लिए कराया था। 24 अगस्त, 2023 को नीलगाय के सामने आ जाने के कारण वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था। सारी प्रक्रिया पूरी कराने के बाद बीमा कंपनी के निर्देश पर वाहन को लखनऊ ले जाकर वाहन को ठीक कराया गया। 28 अक्तूबर, 2023 को क्लेम के लिए बिल जमा किया। बीमा कंपनी ने ओवरलोड व लिफ्ट एक्सल का प्रयोग न करने का बहाना करके क्लेम को निरस्त कर दिया।
वाहन के मालिक ने क्लेम निरस्त किए जाने के बाद जिला उपभोक्ता विवाद एवं प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर कर दिया। मुकदमे की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद एवं प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मदनलाल निगम, सदस्य सुनीता मिश्रा ने बीमा कंपनी को 5.25 लाख रुपये के भुगतान के आदेश दिए हैं।