रायबरेली। ...कोतवाली है या फिर कबाड़खाना। माल के निस्तारण में इतनी देरी क्यों हो रही है। ...लापरवाही क्यों हो रही है। शहर कोतवाली के निरीक्षण के लिए पहुंचे अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) बृजभूषण के तल्ख सवाल पुलिस अधिकारी बंगले झांकने लगे।
सुबह करीब 11 बजे अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) बृजभूषण सदर कोतवाली पहुंचे। बिना किसी से बात किए परिसर का जायजा लेने लगे।
अचानक उनकी नजर वाहनों पर पड़ी तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। गुस्साए एडीजी बोले कोतवाली है या फिर कबाड़खाना।
एडीजी ने कोतवाल राघवन कुमार सिंह से कहा कि जल्द माल का निस्तारण किया जाए। साफ-सफाई और बेहतर करने पर जोर दिया। दस्तावेजों में इंट्री ठीक तरीके से नहीं मिली। इस एडीजी ने नाराजगी जताई। महिला हेल्प डेस्क में कामकाज बेहतर मिला।
शहर कोतवाली के बाद एडीजी पुलिस लाइंस पहुंचे और यहां पर सीओ व थानेदारों के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा की।
एडीजी ने जिले के चर्चित महराजगंज शराब कांड में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर नहीं लगाने पर नाराजगी जताई। कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह को खरीखोटी सुनाते हुए गैंगेस्टर लगाने को कहा।
लखनऊ से बछरावां पहुंचने के दौरान एडीजी ने देखा था कि बछरावां कस्बा स्थित टैक्सी स्टैंड पर रेट लिस्ट नहीं चस्पा की गई थी।
समीक्षा बैठक के दौरान कोतवाल जगदीश यादव को फटकार लगाते हुए सुधरने की चेतावनी दी। लूट की घटना का खुलासा न होने और क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर एडीजी ने सरेनी थानेदार इंद्रपाल सिंह के कामकाज पर नाराजगी जताई।
बैठक में कानून-व्यवस्था बेहतर बनाने पर पूरा फोकस रहा। खासकर महिला उत्पीड़न से संबंधित घटनाओं को लेकर सतर्कता बरतते हुुए सख्त कार्रवाई करने को कहा।
एडीजी ने कहा कि सभी थानेदार टॉप टेन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करें। जो भी मामले आएं, उसमें किसी तरह की ढिलाई न बरतें। त्वरित कार्रवाई करके पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने का काम करें।
बैठक के के बाद पुलिस लाइंस परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, सीओ सदर वंदना सिंह, सीओ लालगंज महिपाल पाठक मौजूद रहे।
15 दिन में सीओ पूरी करें प्रारंभिक जांच
एडीजी ने बैठक के दौरान सीओ के कामकाज पर भी नाराजगी जाहिर की। कहा कि देखने में आ रहा है कि सीओ को जो जांच मिल रही है, वह समय पर पूरी नहीं हो पा रही है। यह गलत है।
जिस सीओ को किसी भी मामले की जांच मिले, उस मामले की प्रारंभिक जांच 15 दिन में हर हाल में पूरी कर ली जाए। यदि किसी पुलिस कर्मी की विभागीय जांच सौंपी गई है तो उस जांच को भी सीओ 90 दिन में हर हाल में पूरी कर लें। इसके बाद भी किसी की मनमानी पाई जाती है तो सीओ कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
थाने की कुर्सी पर रहना है तो काम करना पड़ेगा
एडीजी ने बताया कि सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क खोली जाए। यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है तो उसकी व्यथा सुनकर मामले में तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि जो काम करेगा, वही दरोगा या इंस्पेक्टर थाने की कुर्सी पर रह पाएगा। थाने की कुर्सी पर रहना है तो काम करना पड़ेगा।
एडीजी बृजभूषण ने सदर कोतवाली और पुलिस लाइंस का निरीक्षण करने के साथ समीक्षा बैठक की। निरीक्षण के दौरान कोतवाली में जो कमियां मिली हैं, उसे सुधारने के लिए कहा गया है। कोतवाली समेत अन्य थानों में माल निस्तारण के लिए अगले माह से अभियान चलाया जाएगा। जिले के सभी थानों पर साइबर हेल्प डेस्क स्थापित करा दी गई है।
श्लोक कुमार, एसपी