अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में वायरल हेपेटाइटिस विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्य
रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सूक्ष्म जीवविज्ञान व सामुदायिक चिकित्सा जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से वायरल हेपेटाइटिस विषय पर मंगलवार को सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मियों को हेपेटाइटिस बी और सी के रोकथाम, निदान व उपचार से संबंधित नवीनतम जानकारी दी गई।
कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन ने कार्यक्रम को शुभारंभ करते हुए राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. सौरभ पॉल ने रक्तजनित हेपेटाइटिस के महामारी विज्ञान व रोग भार पर प्रकाश डाला। डॉ. स्वेता सिंह ने हेपेटाइटिस बी और सी के प्रयोगशाला निदान की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। डॉ. निधि भटनागर ने निदान में नवीनतम प्रगतियों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
डॉ. मनु शर्मा ने हेपेटाइटिस बी और सी की रोग जनन व उपचार पर चर्चा की। डॉ. मुकेश शुक्ला ने संक्रमण की रोकथाम पर जानकारी साझा की। कार्यक्रम का समापन डॉ. स्वेता सिंह ने धन्यवाद दिया। सूक्ष्म जीवविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. शेफाली गुप्ता ने सभी का स्वागत किया। डीन (अकादमिक) डॉ. नीरज कुमारी, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव, डॉ. भोलानाथ आदि मौजूद रहे।