रायबरेली। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में सरसों के तेल और खोवा में मिलावट मिली है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य कारोबारियों के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में नोटिस दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने सतांव क्षेत्र के कोरिहर स्थित प्रमोद कुमार की दुकान से खुले में रखे सरसों तेल का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में सरसों तेल में बटर यलो कलर मिला। इसे खाने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया। इसके अलावा शहर के पीएसी के सामने संचालित विनय टी स्टाल से खोवा का नमूना भरा भरा था। जांच में खोवा में फारेन फैट मिलने के बाद उसे भी सेहत के लिए खतरनाक घोषित किया गया है। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद सरसों तेल के विक्रेता प्रमोद कुमार व विनय टी स्टाल के संचालक को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। दोनों के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शुरू की मुकदमे की प्रक्रिया
विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में सरसों तेल और खोवा का नमूना असुरक्षित घोषित किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य कारोबारियों को नोटिस देने के साथ ही एसीजेएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डॉ. सीआर प्रजापति, अभिहित अधिकारी एफएसडीए