अंजुमन गुलामान-ए-मुस्तफा बड़ा घोसियाना में शनिवार को स्वागत समारोह हुआ। इसमें काजी-ए-शहर मुफ्ती महमूद अख्तर मिस्बाही और नायब काजी-ए-शहर कारी बदरे आलम का स्वागत किया गया।
काजी-ए-शहर ने कहा कि भारत की मिट्टी में सहिष्णुता है। यहां दुनिया के सभी धर्म, आस्था, मान्यताओं को फलने-फूलने का पूरा मौका मिला है।
उन्होंने कहा कि अल्लाह पूरे संसार का पालनहार है। नबी हजरत मोहम्मद संसार के लिए रहमत बनकर आए और उनकी रहमतों से हम महफूज हैं। इस्लाम धर्म के आधार पर इंसानों से भेदभाव की शिक्षा नहीं देता है।
मौलाना सैय्यद मोहम्मद अहमद जिलानी ने कहा कि इस्लाम मानवता का धर्म है। यहां कट्टरता और आतंक का कोई स्थान नहीं है। बिना धार्मिक भेदभाव के अपने रसूल की शिक्षाओं पर अमल करते हुए सभी से सदव्यवहार स्थापित करें।
नायब काजी कारी बदले आलम ने सभी से इस्लामी शिक्षाओं पर अमल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन हाफिज मोहम्मद मोबीन और धन्यवाद इम्तियाज हसन ने ज्ञापित किया।
इस मौके पर हाजी आई जावेद, शाहबाज खान, आमिर बेग, डॉ. वासिफ कलीम आदि मौजूद रहे।