मतदाता सूची में फर्जी तरीके से बढ़ाए गए वोटरों के नाम तीन दिन में उड़ाने के आदेश दिए गए हैं। जनसंख्या से अधिक वोटर बनाने के मामले में दोषियों का पता लगाने का काम भी शुरू हो गया है।
सभी एसडीएम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मनमानी करने वाले बीएलओ और सुपरवाइजरों पर समीक्षा होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में इस बार जमकर खेल किया गया है। बीएलओ व सुपरवाइजरों ने गांवों में लोगों से सेटिंग करके जमकर फर्जी वोटरों के नाम सूची में शामिल कर दिए।
करीब 50 गांवों में तो जनसंख्या से अधिक लोगों को वोटर बना दिया गया। जिले में 150 से अधिक गांवों में मानक के विपरीत वोटर बनाए गए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के संज्ञान में मामला आने के बाद इसकी जांच के साथ ही फर्जी वोटरों के नाम काटने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही गड़बड़ी करने वाले बीएलओ व सुपरवाइजरों के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश भी हुए हैं।
मालूम हो कि जिले के जगतपुर ब्लॉक के बैरीहार, नवाबागंज, खजुरी, मनोहरगंज, शिवगढ़ ब्लॉक के आइमापुर, गुमावां, पड़रिया, चितवनिया, कुंभी, बंकागढ़ सहित जिले की 150 से अधिक ग्राम पंचायतों में फर्जी वोटर बनाए गए हैं।
एडीएम वित्त एवं राजस्व शीतला प्रसाद ने बताया कि मतदाता सूची से फर्जी वोटरों के नाम काटने के आदेश दिए गए हैं। जांच भी शुरू करा दी गई है कि किस स्तर से यह गड़बड़ी की गई है।
जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। तीन दिन में सूची को अपडेट कराने के लिए सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया है।