पंडालों में पूजा-अर्चना के बाद आरती की। ढोल-नगाड़ों की धुन पर थिरकते श्रद्धालुओं ने दुर्गा मां को विदाई दी। विसर्जन यात्रा में खूब अबीर-गुलाल उड़ाया।
देर शाम तक करीब एक हजार छोटी बड़ी प्रतिमाओं का भू-विसर्जन हुआ। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शुक्रवार से ही शुरू हो गया, जो शनिवार को भी जारी रहा।
गोरा बाजार, बेलीगंज, सुपर मार्केट, दूरभाष नगर, प्रगतिपुरम, कैपिटल सिनेमा, कैपरगंज, राजकीय कॉलोनी समेत शहर के विभिन्न इलाकों में सजे दुर्गा पूजा पंडालों से शोभायात्रा निकली।
पुलिस लाइंस से राजघाट तक कानपुर रोड पर शोभा यात्राओं का क्रम लगा रहा। सई तट पर सुबह से देर शाम तक जयकारों के बीच प्रतिमाओं का विसर्जन होता रहा।
इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहे। देर शाम तक यहां पर करीब 35 मूर्ति का विसर्जन किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष इलियास, ईओ पीएन सिंह, अपर्णा वाजपेेयी, ओएन त्रिपाठी मौजूद रहे।
ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के गोकना और तीर का पुरवा स्थित गंगा तटों पर पूरे दिन प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला चलता रहा।
यहां पर अरखा, उमरन, अकोढ़िया, नदौरा, बिंदागंज, इटौरा बुजर्ग, सूची, जमुनापुर, लक्ष्मणपुर, बाबूगंज, मेजरगंज, बहेरवा, कंदरावां, कमोली, किशुनदासपुर, उसरैना समेत कई इलाकों की करीब 200 प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ।
डलमऊ प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के गंगा तट स्थित रानी शिवाला घाट, पथवारी घाट, पक्का घाट, शुकुलघाट पर करीब 578 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
इसमें 140 बड़ी और 428 छोटी प्रतिमा शामिल रही। शोभायात्रा के साथ आने वाले वाहनों को निराला पार्क में रोका गया। जयकारे लगाते हुए प्रतिमाओं को गंगा तट ले जाया गया।
विसर्जन यात्राओं के आगमन के मद्देनजर पूरे दिन मुराईबाग और डलमऊ कस्बे में जयकारों एवं ढोल नगाड़ों की गूंज रही। सुरक्षा के मद्देनजर गंगा तटों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। इस मौके पर एसडीएम रामअक्षयबर, सीओ सीपी दुबे, कोतवाल ओपी यादव मौजूद रहे।