इश्क में आईमन अहमद ने मजहब की दीवार तोड़कर कृतिका बनकर हिंदू प्रेमी शिवम के साथ मंदिर में सात फेरे लिए। अग्नि को साक्षी मानकर जीवनभर साथ निभाने की शपथ ली। आगे पढ़ें पूरी खबर...
रायबरेली के लालगंज में प्रेम विवाह का एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां एक मुस्लिम युवती ने अपने प्रेमी हिंदू युवक से शादी कर ली। विवाह हिंदू रीति-रिवाज से मंदिर में संपन्न हुआ। शादी के बाद युवती ने हिंदू धर्म अपनाकर अपना नाम भी बदल लिया।
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मामला लालगंज कोतवाली क्षेत्र के सेमरपहा गांव का है। गांव निवासी आईमन अहमद का गांव के ही युवक शिवम के साथ करीब पांच वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे। समय के साथ उनका रिश्ता और मजबूत होता गया। आखिरकार दोनों ने अपने रिश्ते को विवाह का रूप देने का निर्णय लिया। परिवार और समाज की आशंकाओं के बीच दोनों ने शादी करने का फैसला किया।
दोनों ने ऐहार स्थित बाल्हेश्वर मंदिर में विधि-विधान से हिंदू परंपरा के अनुसार विवाह कर लिया। पुरोहित की मौजूदगी में दोनों ने सात फेरे लिए। अग्नि को साक्षी मानकर जीवनभर साथ निभाने की शपथ ली। विवाह के बाद आईमन ने हिंदू धर्म अपनाकर नया नाम कृतिका रख लिया।
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शादी के बाद नवविवाहित दंपती शिवम और कृतिका ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनका रिश्ता आपसी विश्वास और प्रेम पर आधारित है। दोनों ने साथ मिलकर जीवन बिताने का निर्णय लिया है।