रायबरेली। बछरावां थाना क्षेत्र के कुशलीखेड़ा मजरे खैरहनी गांव में संचालित अवैध शराब फैक्टरी पकड़ी गई है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीम की छापेमारी में फैक्टरी से करीब 10 लाख कीमत की अवैध शराब, भारी मात्रा में रैपर, ढक्कन और एक वैन बरामद हुई हैं। मौैके से पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि चार फरार हैं।
पुलिस की मानें तो रायबरेली के अलावा पड़ोसी जनपदों में भी यहां तैयार की गई शराब की सप्लाई की जाती थी। मुखबिर की सूचना पर सीओ महराजगंज विनीत सिंह की अगुवाई में एसओ रवेंद्र सिंह, आबकारी निरीक्षक कीर्ति प्रकाश पांडेय ने टीम के साथ बुधवार रात कुशलीखेड़ा गांव स्थित एक मकान में छापा मारा। मकान में अवैध शराब बनाई जा रही थी।
पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि फैक्टरी से 9739 लीटर अवैध शराब बरामद हुई है। जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा ढक्कन, रैपर व एक वैन बरामद की गई हैं। उन्होंने बताया कि मौके से कुशलीखेड़ा गांव की रहने वाली सरोजनी पत्नी सुरेंद्र प्रताप को गिरफ्तार किया गया।
जबकि अमावां निवासी सुनील कुमार, रामसजीवन और दो अज्ञात फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। रायबरेली के अलावा अमेठी, उन्नाव, लखनऊ आदि जनपदों में भी यहां पर तैयार की गई शराब सप्लाई किए जाने की जानकारी मिली है। मामले में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
सीओ के मुताबिक धंधेबाज पंजाब से देशी शराब लाकर यहां पर मस्तीह, पावर हाउस ब्रांड के रैपर व ढक्कन लगाकर अवैध शराब तैयार कर अलग-अलग स्थानों पर वैन में लादकर सप्लाई करते थे। सीओ का कहना है कि भारी मात्रा में मस्तीह व पावर हाउस ब्रांड के ढक्कन व रैपर मिले हैं। शराब भरने के लिए काफी शीशियां भी मिली हैं।
शराब की फैक्टरी पकड़े जाने के बाद बछरावां पुलिस पर सवालिया निशान लग गए हैं। थाने से यह गांव करीब छह किमी. दूर है। यहां पर पुलिस की गश्त भी रहती है। बावजूद इसके यह शराब की फैक्टरी अरसे से संचालित की जा रही थी। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो पुलिस की मिली भगत के चलते ही यहां पर कई ऐसे गांव हैं, जहां पर अवैध शराब बनाई जा रही है। मामले की जांच कराई जाए तो कई पुलिस कर्मी और सफेदपोश नेता भी लपेटे में आ सकते हैं।
पकड़ी महिला सरोजनी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसका पति दिल्ली में रहकर नौकरी करता है। गांव के रामसजीवन ने पति से बात करके कहा था कि अपने मकान का कमरा कुछ दिनों के लिए दे दो। इसमें अमावां निवासी सुनील कुमार अवैध शराब का कारोबार करेगा। उनके साथी मिलकर पंजाब प्रांत से कच्ची शराब लाकर यहां पर अन्य ब्रांड के रैपर, ढक्कन लगाकर बिक्री करेंगे। जो मुनाफा होगा हम लोग बराबर बांट लेंगे। पति गांव आए थे और कमरा देकर दिल्ली चले गए थे।
मुखबिर की सूचना मिलने पर बछरावां क्षेत्र के कुशलीखेड़ा गांव में अवैध शराब की फैक्टरी पकड़ी गई है। एक महिला को पकड़ा गया है। अन्य धंधेबाजों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है। जिलेे में शराब का कारोबार कतई नहीं होने दिया जाएगा। सीओ व थानेदारों को अपने-अपने क्षेत्रों पर शराब बनाने वाले धंधेबाजों को चिह्नित करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें किसी पुलिस कर्मी की संलिप्ता मिली तो कार्रवाई होगी। -स्वप्निल ममगाई, एसपी
शहर के साथ ही देहात क्षेत्रों में अवैध शराब के धंधे पर अंकुश लगाने के लिए छापेमारी कराई जाती है। छह माह में भारी मात्रा में शराब बरामद करके केस दर्ज कराए गए हैं। सभी आबकारी निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में छापेमारी करके धंधेबाजों पर शिकंजा कसे।- राजेश्वर मौर्या, जिला आबकारी अधिकारी