रायबरेली। एसटीएफ और ऊंचाहार पुलिस ने शुक्रवार की रात करीब 50 लाख कीमत की अवैध शराब बरामद की। यह शराब डीसीएम पर लादकर पंजाब से बिहार प्रांत बिक्री के लिए ले जाई जा रही थी। अंधेरे का फायदा उठाकर डीसीएम चालक मौके से फरार हो गया।
पुलिस शराब के अवैध कारोबार के सरगना और उससे जुड़े धंधेबाज के बारे में पड़ताल कर रही है। पुलिस का दावा है कि डीसीएम चालक के नाम पते की जानकारी मिल गई है। वह पंजाब का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी के बाद इस कारोबार में जुड़े धंधेबाजों पर कार्रवाई हो सकेगी।
देर रात एसटीएफ और ऊंचाहार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि डीसीएम पर अवैध शराब लादकर बिहार ले जाई जा रही है। इस सूचना पर एसटीएफ के उपनिरीक्षक धर्मेद्र सिंह, ऊंचाहार कोतवाल धर्मेद्र दुबे ने पुलिस टीम के साथ सवैयाधनी गांव के पास डीसीएम को रोक लिया। इससे पहले कि एसटीएफ और पुलिस कुछ समझ पाती, चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने डीसीएम की तलाशी ली तो उसमें शराब की पेटियां मिली।
ऊंचाहार कोतवाल ने बताया कि डीसीएम पर 448 अवैध शराब की पेटियां बरामद हुई। इन पेटियों में तीन हजार 978 लीटर शराब है। उन्होंने बताया कि बरामद डीसीएम पंजाब प्रांत के फरीदकोट जिले के बाजीगर बबस्ती गली नंबर पांच के रहने वाले जसविंदर सिंह की है। उनका कहना है कि जसविंदर सिंह की डीसीएम चला रहा था।
यह शराब पंजाब से बिहार ले लाई जा रही थी। बरामद की गई अवैध शराब की कीमत करीब 50 लाख रुपये है। डीसीएम चालक की गिरफ्तारी के बाद पता चल पाएगा कि अवैध शराब की सप्लाई पंजाब से बिहार कौन कर रहा था।
ऊंचाहार कोतवाल धर्मेद्र दुबे के मुताबिक बिहार में शराब की बिक्री पर रोक है। इसलिए पंजाब समेत अन्य प्रांतों से अवैध तरीके से बिहार शराब आपूर्ति की जाती है। यह शराब भी बिहार ले जाई जा रही थी, लेकिन ऐनवक्त पर सूचना मिलने पर उसे बरामद कर लिया गया। कोतवाल का कहना है कि बरामद की गई पेटियों पर एक ब्रांड का नाम लिखा है।
जिले का ऊंचाहार तहसील अवैध शराब का अड्डा बनता जा रहा है। यही पर पहले ही एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने लाखों की शराब पकड़ी थी। स्थानीय पुलिस तो आए दिन कुछ न कुछ न अवैध शराब पकड़ती रहती है। इसके बावजूद यह तहसील अवैध शराब का अड़्डा बनता जा रहा है। जाहिर है कि स्थानीय स्तर पर किसी न किसी शराब माफिया की मिलीभगत से यह धंधा खत्म होने के बजाय और फलफूलता जा रहा है।