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हटे थानेदारों के हटने की जांच शुरू, आईजी ने तलब किया ब्यौरा

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रायबरेली। तैनाती के आठ दिन बाद ही तीन थानेदारों को हटाए जाने की जांच शुरू हो गई है। इसकी जांच स्वयं लखनऊ रेंज के आईजी एसके भगत कर रहे हैं। आईजी ने हटाए गए थानेदारों से संबंधित न सिर्फ पूरी फाइल तलब कर ली है, बल्कि थानेदारों के कार्यों को लेकर भी एसपी से पूरी जानकारी की है।
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प्रकरण में इस बात की जांच कराई जा रही है कि आखिर किस वजह से इतनी जल्दी फैसला लिया गया और थानेदारों को हटा दिया गया। खास बात ये है कि एक सप्ताह का समय बीत गया है, लेकिन नए थानेदारों की तैनाती अब तक नहीं हो सकी है। कहा जा रहा है कि आईजी ही नए थानेदारों की तैनाती पर अब फैसला लेंगे। इसी वजह से इसमें देरी हो रही है।
गौरतलब है कि 9 जून को जगतपुर थाने में तौफीक खान, भदोखर थाने में जेपी यादव और डलमऊ कोतवाली में रोहित उपाध्याय की नए प्रभारी निरीक्षक के रूप में तैनाती की गई थी। 16 जून को इन तीनों प्रभारियों को थानों की कुर्सी से हटा दिया गया था। तैनाती के आठ दिन बाद ही थानेदारों को हटा दिए जाने का मामला लखनऊ तक पहुंच गया।
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आईजी एसके भगत ने शुक्रवार को यहां आकर 25वीं वाहिनी में एसपी सुनील कुमार सिंह से मुलाकात की थी और पुलिसिंग व्यवस्था की जानकारी ली थी। कहा जा रहा है कि आईजी यहां हटाए गए थानेदारों के प्रकरण की जांच करने आए थे। जांच गुपचुप तरीके से करने के बाद लौट गए थे।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि आईजी ने हटाए गए थानेदारों का पूरा ब्योरा भी तलब किया है। यहां तक प्रकरण को लेकर विभिन्न अखबारों की छपी पेपर कंटिंग भी आईजी को भेजी गई हैं। इसी जांच की वजह से नए थानेदारों की तैनाती में देरी बताई जा रही है। उधर, एसपी सुनील कुमार सिंह का कहना है कि कुछ शिकायतों की वजह से तीन थानेदारों को हटाया गया था।
नए थानेदारों की तैनाती के लिए विचार- विमर्श चल रहा है, ताकि फिर किसी तरह की कोई शिकायत न आए। जल्द जगतपुर, डलमऊ और भदोखर थाने में नए एसओ की तैनाती कर दी जाएगी। प्रयास है कि उस दरोगा को इस बार चार्ज दिया जाए, जिसकी कोई शिकायत न हो। उसका व्यवहार ठीक हो। पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने और आम जनता की शिकायतों को लेकर गंभीर हो।
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