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Raebareli News: उपद्रवियों की गिरफ्तारी न हुई तो आंदोलन

Mon, 07 Jul 2025 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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नसीराबाद के पूरे अंडी मजरे कुढ़ा गांव में बवाल के बाद मौजूद पुलिस।
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नसीराबाद (रायबरेली)। पूरे अंडी मजरे कुढ़ा गांव में मुहर्रम के जुलूस के दौरान हुए बवाल से लोगों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है। सभी में घटना को लेकर नाराजगी है। करणी सेना के पदाधिकारी रविवार को गांव पहुंचे। पीडि़त परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से घटना में शामिल उपद्रवियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। आरोप लगाया कि घटना में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है।
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पूरे अंडी गांव से होकर शुक्रवार रात मुहर्रम का जुलूस निकला था। जुलूस के दौरान लोग आपत्तिजनक नारेबाजी कर रहे थे। गांव निवासी एवं भट्ठा संचालक भानू प्रताप तिवारी के मना करने पर उपद्रवियों ने उनके साथ मारपीट की थी। उनके भट्ठे पर जाकर वाहनों में तोड़फोड़ की थी। भट्ठा मालिक की तहरीर पर अमेठी जिले के गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे फाजिल निवासी साजिद अली, सोनू, फूलबाबू, अट्टू, अमरोज, शब्बीर समेत 150 उपद्रवियों पर मारपीट, तोड़फोड़ करने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।

करणी सेना के जिला उपाध्यक्ष विजय सिंह, सत्यम सिंह भदौरिया, धीरज सिंह, घनश्याम, अंशू सिंह, तरुण सिंह ने सुबह गांव पहुंचकर पीडि़त भानू प्रताप तिवारी से मुलाकात की। पदाधिकारियों ने भानू को हिम्मत बंधाई कि उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। गांव में मौजूद नसीराबाद थाना प्रभारी कमलेश कुमार राजभर से करणी सेना के पदाधिकारियों ने मुलाकात करके तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
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जिला उपाध्यक्ष विजय सिंह ने कहा कि आरोपियों की दो दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष चैतन्य सिंह भदौरिया ने कहा कि यह घटना बेहद चौंकाने वाली है। अगर उपद्रवियों पर लगाम नहीं लगा तो जनता का विश्वास पुलिस से खत्म हो जाएगा। इस मौके पर सत्यम सिंह भदौरिया, धीरज सिंह, घनश्याम सिंह, अंशू सिंह, तरुण सिंह मौजूद रहे। थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया कि जल्द आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।

पुलिस की कार्यशैली की चर्चा, लखनऊ तक पहुंचा मामला
शुरुआत में अफसर दावा करते रहे कि कुछ लोग दावत खाने गए थे, तभी विवाद हुआ। जबकि दावत कार्यक्रम गांव में नहीं था। विभागीय सूत्रों की माने तो हिंदू संगठनों की नाराजगी और मामला लखनऊ में बैठे उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद पुलिस अफसर हरकत में आए और तत्काल प्रकरण में केस दर्ज करा दिया। इस मामले में पुलिस की खूब किरकिरी हो रही है। खासकर अफसरों की बयानबाजी से ग्रामीण और हिंदू संगठन नाराज हैं। हिंदू संगठनों ने पुलिस अफसरों की मनमानी की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात कही है।
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