रायबरेली। जिले में संचालित 14 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में इंफार्मेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नालॉजी (आईसीटी) लैब बनाई जाएंगी। स्मार्ट क्लास की सुविधा भी मिल सकेगी। स्कूलों का चयन होने के बाद व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। इसी महीने कंप्यूटर समेत अन्य उपकरण मिलने की संभावना है। जुलाई महीने में ही आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास संचालित करने की बात कही जा रही है।
जिले में 45 राजकीय विद्यालय संचालित हैं। पिछले वर्ष जुलाई में प्रथम चरण के दौरान जिले के 22 विद्यालयों को आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास की सुविधा दिलाई गई थी। इस वर्ष दूसरे चरण में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास के लिए 14 विद्यालय चिन्हित किए गए हैं। इसके बाद अगले वर्ष तीसरे चरण में बाकी विद्यालयों को लाभान्वित करा दिया जाएगा। आईसीटी लैब के जरिए छात्र-छात्राएं कंप्यूटर के क्षेत्र में हुनरमंद बन सकेंगे। स्मार्ट क्लास संचालित करने में भी मदद मिलेगी। इससे डिजिटल तकनीकी का उपयोग कर सभी छात्र-छात्राएं पठन-पाठन को बेहतर कर सकेंगे।
इस वर्ष जिन विद्यालयों में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास बनाने का निर्णय लिया गया है, उनमें राजकीय बालिका हाईस्कूल बेलाभेला, राजकीय हाईस्कूल जनई, राजकीय हाईस्कूल पिंडारी कला, राजकीय बालिका हाईस्कूल बाला, राजकीय बालिका हाईस्कूल ओसाह, राजकीय बालिका हाईस्कूल रोहनिया, राजकीय हाईस्कूल तामसगढ़ के साथ बसाढ़, टेरा बरौला, हरीपुर निहस्था, मतरमपुर, भीरा गोविंदपुर, कुंवरमऊ, पारा कला के विद्यालय शामिल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने इन सभी विद्यालयों से सुरक्षित कक्ष के साथ विद्युत संबंधी व्यवस्थाएं शीघ्र करा लेने को कहा है।
समग्र शिक्षा-माध्यमिक के जिला समन्वयक इरफान अहमद ने बताया कि पिछले वर्ष 22 राजकीय विद्यालयों में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास की सुविधा मिली थी। इस बार फिर 14 विद्यालयों का चयन किया गया है, जहां आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास के लिए परियोजना कार्यालय से कंप्यूटर समेत अन्य उपकरण इसी महीने उपलब्ध कराए जाने हैं। इसलिए संबंधित विद्यालयों से व्यवस्था दुरुस्त कराने को कहा गया है, ताकि उपकरण आते ही उन्हें लगाया जा सके। इसी महीने आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास का संचालन शुरू कराने का प्रयास होगा।