जिले में पॉलीथिन के खिलाफ अभियान ठंडा पड़ गया है। आदेश आने के बाद तेजी दिखाने वाले अफसरों का जोश कम हो गया है। इसी का नतीजा है कि बाजारों में पॉलीथिन के कैरीबैग का प्रयोग बढ़ गया है।
शुरुआती दौर में बरती गई सख्ती के बाद व्यापारियों पर अंकुश लगा था, लेकिन फिर पॉलीथिन के कैरीबैग का इस्तेमाल खुलेआम होने लगा है।
21 जनवरी से पॉलीथिन के कैरीबैग पर बैन लग गया है। इसके लिए डीएम ने नगरीय और तहसील स्तर को मिलाकर 17 टीमें बनाई थी। दो-चार दिन तो टीमों ने तेजी दिखाई।
शहर में भी कई जगह छापेमारी की गई। देर से ही सही ग्रामीण अंचलों में भी अभियान चला। इस दौरान टीमों ने पॉलीथिन के कैरीबैग बरामद किए।
दुकानदारों को कार्रवाई का खौफ भी दिखाया गया, लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। शहर में दुकानदार खुलेआम पॉलीथिन के कैरीबैग में खरीदारों को सामान दे रहे हैं।
अफसरों की उदासीनता से प्रदूषण को फैलने से रोकने के लिए किया गया प्रयास सफल नहीं हो पा रहा है।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. एके सिंह का कहना है कि पॉलीथिन के कैरीबैग पर पाबंदी के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
व्यापारियों के साथ ही लोगों को भी पॉलीथिन के कैरीबैग का प्रयोग न करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जो भी पॉलीथिन का कैरीबैग प्रयोग करते मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं दुर्गा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जवाहर विहार में गुरुवार को इनरव्हील क्लब की ओर से पॉलीथिन हटाओ, देश बचाओ पर स्लोगन प्रतियोगिता कराई गई। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने कॉलोनी में जागरूकता रैली निकाली।
मुख्य अतिथि इनरव्हील क्लब अध्यक्ष मुक्ता भार्गव ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। कहा कि देश में पॉलीथिन हटाओ की मुहिम चलाने की जरूरत है।
पॉलीथिन देश के विकास में बाधक है। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। इसके बाद स्लोगन प्रतियोगिता हुई। इसमें नीलाक्षी जायसवाल ने बाजी मारी। वहीं कोमल द्वितीय, उत्कर्ष तृतीय स्थान पर रहे।
हर्षित, अक्षय, अनामिका को सांत्वना पुरस्कार मिला। सह संचालक अरविंद शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन देवेंद्र शुक्ला ने किया।
इस मौके पर सुनीता लखोटिया, इति मल्होत्रा, कीर्ति दीक्षित, मोनिका मिश्रा, वंदना सिंह, नीता शुक्ला, नेहा, दिव्या, उर्मिला आदि मौजूद रहे।