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Raebareli News: कैसे बनेंगे ओवरब्रिज, दो साल बाद भी नहीं हुआ भूमि अधिग्रहण

Sat, 29 Nov 2025 01:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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रायबरेली-लखनऊ हाईवे पर वाहनों की लगी लाइन।
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रायबरेली। हाल-फिलहाल लखनऊ-रायबरेली हाईवे पर सफर करने वाले कई जिलों के करीब पांच लाख मुसाफिरों को जाम की समस्या से राहत मिलती नहीं दिख रही है। हाईवे पर सबसे ज्यादा जाम रतापुर और त्रिपुला चौराहे पर लगता है। दोनों चौराहों पर ओवरब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए चार गांवों में जमीनों का अधिग्रहण होना है, लेकिन दो साल बाद भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। प्रशासन अब तक एनएचएआई को भूमि उपलब्ध नहीं करा पाया है।
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लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर शहर के अंदर प्रवेश करते त्रिपुला चौराहे से जाम की समस्या शुरू हो जाती है। इसी चौराहे से रायबरेली-महराजगंज मार्ग निकला है। इसके लिए वाहन चालकों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। यही हालत रतापुर चौराहे की भी है। यहां से अयोध्या हाईवे निकला है। इसके चलते जाम लगता है। इस समस्या से राहत दिलाने के लिए एनएचएआई ने दो साल पहले से ही ओवरब्रिज निर्माण कराने का निर्णय लिया था। दोनों जगह ओवरब्रिज के निर्माण में करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।

रतापुर के रहने वाले बबलू सिंह, अशोक कुमार ने बताया कि ओवरब्रिजों का निर्माण नहीं होने से जाम की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। दोनों जगह कई निजी विद्यालय हैं। इससे छात्र-छात्राओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अतुल गुप्ता, महेश कुमार ने बताया कि जाम से व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित होता है।
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अधिग्रहण के लिए यह गांव किए गए चिह्नित
भूमि अधिग्रहण के लिए रतापुर, किसुनदासपुर रामचंदर, गोकुलपुर, बरईपुर के करीब 200 से अधिक लोगों की जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन जमीनों पर ज्यादातर लोगों के भवन, प्रतिष्ठान और रेस्टोरेंट खुले हैं, जो अधिग्रहण के बाद धराशायी होंगे।



800 मीटर लंबा बनेगा ओवरब्रिज
रतापुर और त्रिपुला चौराहों पर बनने वाले ओवरब्रिज की लंबाई करीब 800 मीटर होगी। अभी तक हाईवे की चौड़ाई 30 मीटर है, जो बाद में सर्विस रोड मिलाकर 50 मीटर हो जाएगी। इससे हाईवे पर फर्राटा भरने वाले लोगों को राहत मिलेगी।





अब तक बांटे जा चुके हैं चार करोड़
दोनों चौराहों पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। त्रिपुला के पास जिन लोगाें की भूमि का अधिग्रहण होना है, उन्हें 10 करोड़ रुपये मुआवजा के रूप में देने हैं। अब तक चार करोड़ रुपये बांटे जा चुका हैं। प्रशासन की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, दोनों जगहों पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
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-नकुल प्रकाश वर्मा, पीडी, एनएचएआई लखनऊ
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