फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Raebareli News: बिना फायर एनओसी नवीनीकृत हुए अस्पताल, सुरक्षा पर सवाल

Thu, 23 Jul 2026 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग में निजी अस्पतालों के लाइसेंसों के नवीनीकरण में मानकों की अनदेखी हो रही है। जिन अस्पतालों के पास फायर एनओसी नहीं है, जिम्मेदारों ने उनके लाइसेंसों का नवीनीकरण भी कर दिया। जिले में करीब 57 ऐसे निजी अस्पताल हैं, जिनकी अग्निशमन विभाग की एनओसी समाप्त हो चुकी है। मामला उजागर होने के बाद अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नवीनीकरण प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। फायर की एनओसी जमा करने के बाद ही लाइसेंसों का नवीनीकरण करने के लिए निर्देशित किया गया है।
विज्ञापन


लखनऊ के कोचिंग संस्थान में आग की घटना के बाद जिले में हुई जांच के दौरान 57 से अधिक ऐसे निजी अस्पताल मिले, जिनकी अग्निशमन विभाग की एनओसी की अवधि खत्म हो चुकी थी। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लापरवाही बरतते हुए इन अस्पतालों के लाइसेंसों का नवीनीकरण कर दिया। अग्निशमन विभाग ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को इन अस्पतालों की सूची भेजी तो सामने आया कि लाइसेंसों के नवीनीकरण के समय अधिकारी मानकों की जांच करना ही भूल गए।

मामला उजागर होने के बाद अब 30 से अधिक निजी अस्पतालों के लाइसेंसों का नवीनीकरण अटक गया है। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा ने बताया कि सिर्फ मानकों को पूरा करने वाले अस्पतालों के लाइसेंसों के नवीनीकरण के लिए ही निर्देशित किया गया है। इस दौरान फायर विभाग की एनओसी को भी अनिवार्य कर दिया गया है।
विज्ञापन



एसीएमओ के खिलाफ नहीं शुरू हुई जांच
शाश्वत नर्सिंगहोम में सर्जरी के बाद बच्ची शिवानी की मौत के मामले में बीती छह जुलाई को पिता शरद कुमार सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत करके कार्रवाई की मांग की थी। आरोप लगाया था कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से अस्पताल का संचालन हो रहा था। मामले में अस्पताल के संचालक के खिलाफ एफआईआर तो कराई गई, लेकिन संबंधित अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ अब तक न तो जांच शुरू हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें