शिक्षा के साथ खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार लगातार योजनाएं चला रही हैं। वहीं शिक्षा विभाग के अफसरों की मनमानी के चलते खेल प्रतियोगिताएं महज मजाक बनकर रह गई।
बीते दिनों हुए फुटबाल प्रतियोगिता की तरह ही हॉकी प्रतियोगिता में ही खानापूरी करके जिला स्तरीय के लिए टीम की घोषणा कर दी गई। हद तो तब हो गई, जब खिलाड़ियों को एक बरामदे में ही हॉकी थमा दिया गया। इस दौरान कोई मैच कराए बिना ही टीम बना दी।
शिक्षा विभाग की ओर से शैक्षिक सत्र 2015-16 के लिए क्षेत्रीय और जनपदीय विद्यालयीय खेलकूद प्रतियोगिता चल रही है। मंगलवार को सब जूनियर और जूनियर हॉकी प्रतियोगिता हुई।
इसमें मैच कराकर खिलाड़ियों का जनपदीय प्रतियोगिता के लिए चयन होना था। अफसरों के लचर कार्यप्रणाली के कारण कुछ नामी गिरामी विद्यालयों के ही खिलाड़ी शामिल किया गय।
मैच कराने के बजाए सभी को बरामदे में हॉकी पकड़ाकर महज खानापूरी कर दी गई। विकास, मंगल चरण और राजेश चंद्र शुक्ला की अगुवाई में टीम का चयन कर लिया गया। अफसरों के इस रवैये से प्रतियोगिता खाऊ कमाऊ नीति का शिकार हो गई।
इन खिलाड़ियों का हुआ चयन
जनपदीय प्रतियोगिता के लिए हॉकी जूनियर टीम में न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल, एमजीआईसी, वैदिक इंटर कॉलेज और जीआईसी के 17 खिलाड़ी शामिल किए गए हैं। इसमें सौरभ, सूर्यांश, सीमांक, हर्षित, योगेंद्र, कासिफ, करन, शमसीर, अमित, सूरज, वसीम, अरविंद, दीपू, मोईन, शिवा, कमल किशोर, दिवाकर शामिल है। सभी खिलाड़ी 13 अगस्त को होने वाले जनपदीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे।