लालगंज। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका) में टेंडर प्रक्रिया में कथित मनमानी का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए मुख्य तकनीकी अभियंता को सभी रिकॉर्ड के साथ छह जनवरी को तलब किया है।
मामला मोहित इंटरप्राइजेज से जुड़ा है। कंपनी की दायर याचिका के मुताबिक बीती 14 अगस्त को ऑनलाइन टेंडर जारी हुआ था। इसमें मोहित इंटरप्राइजेज ने एल-वन यानी सबसे कम बोली लगाकर पहला स्थान हासिल किया। इसके बावजूद रेलवे अधिकारियों ने बिना कोई सूचना और बिना आपत्ति बताए उनकी निविदा को दरकिनार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद तीसरे स्थान पर रही कंपनी को वर्क चार्ज दे दिया गया।
इससे आहत होकर मोहित इंटरप्राइजेज ने हाईकोर्ट की शरण ली। कंपनी की ओर से अधिवक्ता उमेशचंद्र शुक्ला ने पक्ष रखा। दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानकर शीतकालीन अवकाश के बाद सुनवाई के लिए रेलवे अधिकारियों को तलब करने का आदेश दिया।अधिवक्ता ने बताया कि इससे पहले भी मोहित इंटरप्राइजेज के साथ ऐसा ही किया जा चुका है।
एक अन्य टेंडर में प्रथम से छठे स्थान तक की कंपनियों को नजरअंदाज कर सातवें स्थान की कंपनी को वर्क चार्ज दिया गया था। उस मामले में भी हाईकोर्ट ने वर्क चार्ज पर रोक लगाते हुए रेलवे से जवाब मांगा था। बताया कि सामान्य तौर पर सबसे कम दर पर काम करने वाली कंपनी को वर्क चार्ज दिया जाता है लेकिन इस मामले में अधिक लागत वाली कंपनी को लाभ पहुंचाया गया।
मोहित इंटरप्राइजेज को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। याची पक्ष की दलील सुनने के बाद न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ और मंजीव शुक्ला ने आदेश पारित किया है।