रायबरेली। समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) से मिलने वाली शिकायतों के निस्तारण में कागजी खानापूरी करने वाले अधिकारियों की खैर नहीं है। डीएम शुभ्रा सक्सेना ने निस्तारित शिकायतों की रोजाना जांच के लिए एडीएम (प्रशासन) की अध्यक्षता में टीम का गठन किया है।
यह टीम रोजाना चार शिकायतों के निस्तारण की जांच के लिए शिकायतकर्ताओं को फोन करके करेगी। शिकायतकर्ता के संतुष्ट न होने पर रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। मामले में शिकायत का कागजी निस्तारण करने वाले संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी। डीएम के पास जनता दरबार के साथ ही आईजीआरएस पर भी दोबारा शिकायतें आ रही हैं कि पूर्व में की गई शिकायतों के निस्तारण में कागजी खानापूरी की गई है।
शिकायतों का सही ढंग से निस्तारण न होने के कारण शिकायतकर्ताओं को परेशान होना पड़ता है। पिछले सप्ताह सलोन में हुए संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने स्वयं ही फोन कर ऐसे ही कई मामले पकड़े थे, जिसमें एसडीएम व तहसीलदार ने शिकायतों का निस्तारण कर दिया था, लेकिन फोन करने पर शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं मिला।
डीएम ने शिकायतों के सही तरीके से निस्तारण के लिए एडीएम (प्रशासन) की अध्यक्षता में समिति का गठन कर दिया है। टीम में कलक्ट्रेट के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अवधेश शर्मा आदि को भी शामिल किया गया है। समिति को रोजाना निस्तारित शिकायतों में किन्हीं चार शिकायतों को निकालकर शिकायतकर्ताओं को फोन करके जानकारी लेनी होगी।
शिकायतों की जांच करके रोजाना डीएम को रिपोर्ट भेजनी होगी। यदि शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट नहीं होगा तो शिकायत का निस्तारण करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष ने बताया कि डीएम के स्तर से टीम का गठन किया गया है। रोजाना चार-चार निस्तारित शिकायतों की जांच करके रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। शिकायतकर्ता के संतुष्ट न होने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।