जिले में शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश से और हवा से खेतों में पकी खड़ी सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। जिले में इस बार जिले में 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर सरसों की फसल की बोआई की गई है।
अधिकतर किसानों की सरसों की फसल पक चुकी है। जबकि गेहूं, चना आदि की फसल को फायदा हुआ है। बारिश के साथ हवा भी चली, जिससे लोग ठिठुरते रहे। सुबह के वक्त छात्र-छात्राएं भीगते हुए स्कूलों को गए। भदोखर थाना क्षेत्र के कुचरिया गांव में बिजली गिरने से एक युवक झुलस गया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आसमान में गुरुवार शाम होते ही बदली छा गई। रात में शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी रुक-रुककर हुई। हवा भी चली। बारिश और हवा चलने के कारण लोग ठंड से ठिठुर गए। सुबह के वक्त लोग घरों में ही दुबके रहे। वहीं बाहर निकले जिनको जरूरी काम था।
बारिश से स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को अधिक परेशानी हुई। वजह उन्हें भीगते हुए स्कूल जाना पड़ा। भदोखर थाना क्षेत्र के कुचरिया गांव निवासी रमजान (38) मजदूरी करता है। सुबह घर के पास लगे हैंडपंप में पानी भरने गया था। इसी दौरान बिजली उस पर गिर गई, जिससे रमजान गंभीर रूप से झुलस गया।
आनन-फानन उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। ग्राम प्रधान श्वेता शुक्ला के पति डिब्बन शुक्ला का कहना है कि हैंडपंप में पानी भरते वक्त रमजान बिजली गिरने से झुलसा। उसे आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। वहीं हवा व बारिश के कारण सरसों की फसल जमीन में धराशायी हो गई।
डलमऊ तहसील क्षेत्र के पूरे बैताली गांव के किसान रमेश, नेवाजगंज के अनिल, राम दिनेश और किसान प्रदीप, राम दुलारे का कहना है कि फसल पक चुकी थी। दाना जमीन पर गिर गया है। इससे नुकसान हुआ है।
कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर के वैज्ञानिक डॉ. आरके कनौजिया का कहना है कि यह बारिश किसानों के लिए अधिक फायदेमंद है। गेहूं, चना की फसल को फायदा हुआ है। जो सरसों की फसल पक चुकी थी, उसी ही कुछ नुकसान हुआ है। बाकी यह बारिश किसानों के लिए सोने पर सुहागा से कम नहीं है।