रायबरेली। दिवाली पर इस बार खूब आतिशबाजी हुई। यही वजह है कि प्रदूषण का बम भी फूटा। ध्वनि के साथ-साथ इस बार वायु प्रदूषण भी ज्यादा रहा। पिछले पांच सालों में इस बार सबसे अधिक आतिशबाज हुई हालांकि हवा चलने से दिवाली के दूसरे दिन प्रदूषण में कमी आई। दिवाली पर तेज आवाज और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की ब्रिकी पर रोक लगाई गई थी। लोगों ने भी ग्रीन पटाखे खूब पसंद किए।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आवासीय क्षेत्र में इंदिरानगर, व्यावसायिक क्षेत्र में खोवा मंडी और औद्योगिक क्षेत्र में अमावां रोड पर वायु एवं ध्वनि प्रदूषण के मापक सेंटर पर जांच की। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक इस बार दिवाली पर ध्वनि प्रदूषण 84 डेसिबल रहा। वहीं दिवाली के दिन वायु प्रदूषण 220 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। दीपावली से पहले वायु प्रदूषण 160 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था। वहीं दिवाली से पहले ध्वनि प्रदूषण 65 डेसिबल रहा।
दिवाली के दूसरे दिन मंगलवार को हवा चलने से वायु प्रदूषण घटकर 170 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल कई सालों की अपेक्षा इस बार अधिक पटाखे फोड़े गए, लेकिन वायु प्रदूषण धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगा।
इन इलाकों की आबोहवा रही खराब
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक दिवाली पर जमकर आतिशबाजी की गई। इसी का नतीजा रहा कि वायु प्रदूषण इस बार बढ़ गया। शहर के इंदिरा नगर, राना नगर, अमर नगर, राजकीय कॉलोनी, महानंदपुर, गोरा बाजार, सम्राट नगर, प्रगतिपुरम कॉलोनी, रतापुर, प्रभुटाउन आदि मोहल्लों की आबोहवा दूषित रही।
पिछले पांच सालों का आकड़ा
वर्ष वायु प्रदूषण ध्वनि प्रदूषण
2021 143 60.2
2022 132 52
2023 134 68
2024 126 65
2025 220 84
नोट : वायु प्रदूषण माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर व ध्वनि प्रदूषण डेसिबल में।