रायबरेली। तापमान लगातार बढ़ रहा है। आसमान से आग बरस रही है। ऐसे में लू के चपेट में आने के बाद लोग बीमार हो रहे हैं। राज्य सरकार ने ऐसे मरीजों को सरकारी अस्पतालों के हीटवेव वार्ड में भर्ती कर इलाज करने के आदेश दिए हैं, लेकिन जिला अस्पताल में आदेशों की अनदेखी की जा रही है।यहां अबतक हीटवेव वार्ड ही नहीं बनाया गया है। हालांकि, जिले की सभी सीएचसी में मरीजों को हीटवेव वार्ड में भर्ती करने का काम शुरू कर दिया गया है। जिला अस्पताल प्रशासन इसको लेकर लापरवाही बरत रहा है।
शासन ने 10 दिन पहले ही सभी सरकारी अस्पतालों में हीटवेव वार्ड संचालित करने के आदेश दिए थे। जिला अस्पताल में लू से बीमार मरीजों को सामान्य वार्डों में भर्ती किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधक डॉ. बीआर यादव का कहना है कि आई वार्ड में हीटवेव के मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई है। जल्द ही हीटवेव वार्ड तैयार हो जाएगा।
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लू से बचने के लिए क्या करें
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना का कहना है कि गर्मी और लू बढ़ गई है, ऐसे में बहुत जरूरी हो तो ही धूप में घर से बाहर निकलें। पर्याप्त पानी पीएं, हल्के रंग के ढीले और छिद्रपूर्ण सूती कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय काला चश्मा, छाता, दुपट्टा, टोपी, जूते या चप्पल पहनें। लस्सी, नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें। कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द, दौरे जैसे हीट स्ट्रोक के संकेतों को पहचानें। दिक्कत होकर अस्पताल पहुंचकर इलाज कराएं।
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सभी सीएचसी में हीटवेव वार्ड तैयार करा दिए गए हैं। वार्डों में आइस पैक उपलब्ध कराने के साथ ही वार्डों को ठंडा रखा जा रहा है, जिससे मरीजों को जल्द ही राहत मिल सके। सभी सीएचसी अधीक्षकों को इस संबंध में निर्देशित भी किया गया है। किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ रायबरेली