- तत्कालीन एसडीएम ने भूमि को राजस्व खाते में दर्ज कराया था, पिछले साल आदेश पलटा
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। ऊंचाहार तहसील में एक 13 साल पुराने भूमि विवाद की सुनवाई फिर से शुरू की गई है। वर्ष 2013 में तत्कालीन एसडीएम ने विवादित भूमि को ग्राम पंचायत के खाते में दर्ज कराने का आदेश दिया था, जिसे 27 मई 2025 को तत्कालीन एसडीएम ने बदलकर खातेदार के नाम दर्ज करवा दिया था। मामले की शिकायत सहायक शासकीय अधिवक्ता संतोष बहादुर सिंह ने डीएम से की। जिस दिन शिकायत की गई, उसी दिन मुकदमे को सुनवाई के लिए रिस्टोर कर दिया गया।
डीएम को दिए शिकायती पत्र में सहायक शासकीय अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि लखनऊ-प्रयागराज हाईवे के किनारे सवैया धनी गांव में संबंधित भूमि होने के कारण उस पर लोगों की नजर है। छह अगस्त 2013 को तत्कालीन एसडीएम ने संबंधित भूमि को ग्रामसभा में दर्ज कराने का आदेश दिया था, लेकिन 13 साल बाद मुकदमे की दोबारा सुनवाई शुरू करके तत्कालीन एसडीएम ने 27 मई 2025 को एसडीएम के पूर्व के आदेश को निरस्त कर दिया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि आदेश के खिलाफ फिर से सुनवाई शुरू कराने के लिए उन्होंने 12 अगस्त 2025 को ऊंचाहार तहसील में प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन उसे गायब कर दिया गया। उन्होंने डीएम से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही दोबारा मुकदमे में सुनवाई शुरू कराने की अनुरोध किया। डीएम से शिकायत होते हुए फिर से मुकदमे की सुनवाई शुरू हो गई है।