रायबरेली। कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ चल रहे एक पुराने आपराधिक मामले में अब 2 दिसंबर को सुनवाई होगी। विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार सिंह की ओर से कोर्ट में दाखिल मुकदमा वापसी के प्रार्थना पत्र पर शुक्रवार को आपत्ति कर्ता के न आने पर सुनवाई नहीं हो सकी।
इस पर एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार बरनवाल ने आपत्ति का अवसर समाप्त करते हुए मामले में सुनवाई की अगली तारीख 2 दिसंबर तय कर दी।
गौरतलब है कि डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में करीब 33 साल पहले 30 जून 1987 को फायर सर्विस के तत्कालीन हेड कांस्टेबल रामस्वरूप उपाध्याय ने स्वामी प्रसाद मौर्य व कई अन्य लोगों के खिलाफ बलवा व हत्या करने की कोशिश आदि का आरोप लगाते हुए मुकदमा पंजीकृत कराया था।
रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना तब हुई थी, जब मुकदमा वादी फायर सर्विस की गाड़ी से ड्राइवर राम शंकर श्रीवास्तव के साथ पेट्रोल पंप जा रहा था, तभी मुराईबाग चौराहे पर लोकदल (ब) के कार्यकर्ता सड़क जाम कर आंदोलन कर रहे थे। उस समय स्वामी प्रसाद मौर्य लोकदल (ब) के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य थे।
सदर विधायक अदिति सिंह और बछरावां विधायक रामनरेश रावत के खिलाफ चल रहे दो अलग-अलग मामलों में शुक्रवार को गवाही नहीं हो सकी। गवाहों के न आने पर एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार बरनवाल ने दोनों मामलों में सुनवाई की अगली तारीख 21 दिसंबर तय कर दी। संवाद