रायबरेली। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के तहत मंगलवार को बचत भवन में बैठक हुई। डीएम हर्षिता माथुर ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सूची की त्रुटियों को दूर कराने में सहयोग करने की अपील की। डीएम ने कहा कि बीती छह जनवरी को एसआईआर का फाइनल ड्रॉफ्ट जारी हुआ था। नो मैपिंग और तार्किक विसंगतियों से संबंधित 466583 मतदाताओं को नोटिस के लिए चुना गया। 237456 से अधिक नोटिसों को बीएलओ ने वोटरों तक पहुंचा दिया है। अब तक 121713 नोटिसों की सुनवाई का काम पूरा हो चुका है।
बैठक में डीएम ने कहा कि जिले में नोटिसों की सुनवाई के लिए 2451 बूथों पर प्रत्येक बीएलओ के साथ एक सहायक नियुक्त किया गया है। ये सहायक प्रतिदिन बूथों पर जारी नोटिसों की सुनवाई करेंगे। एसआईआर 2003 से मैपिंग न होने के कारण मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे मतदाताओं को सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग से निर्धारित जन्मतिथि या जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। इसके अतिरिक्त, तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिन्हें केवल संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।
मतदाता स्वयं या अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से सुनवाई के दौरान आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि जिन बूथों पर राजनीतिक दलों के बीएलए नियुक्त नहीं हैं, वहां बीएलए नियुक्त कर बूथ लेवल अधिकारियों को अपेक्षित सहयोग प्रदान करें। साथ ही नए मतदाताओं, विशेषकर महिला मतदाताओं के अधिक से अधिक पंजीकरण कराने पर भी जोर दिया। बैठक में एडीएम (प्रशासन) सिद्धार्थ, एसडीएम विवेक राजपूत आदि मौजूद रहे।