मुंशीगंज गोलीकांड की याद में शहीद स्मारक पर गुरुवार को श्रद्धांजलि समारोह और मेला लगा। कई विद्यालयों के आए बच्चों ने गीत और संगीत तो किसी ने नृत्य करके शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान वक्ताओं ने सात जनवरी 1921 को हजारों निहत्थे किसानों पर किए गए जुल्म की दास्तां सुनाई तो हर किसी का आंखें नम हो गईं।
डीएम सूर्यपाल गंगवार, एडीएम प्रशासन एससी चौधरी व आरडीए एक्सईएन एसके सिन्हा ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
डीएम ने कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास में एक अविस्मरणीय दिन है। हम उन शहीदों के कृतज्ञ है, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
कहा कि सभी अपने आचरण को उत्तम बनाकर राष्ट्र को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करें। यही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
डीएम ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारीजनों को माला व अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया।
सांसद प्रतिनिधि केएल शर्मा ने कहा कि शहीदों के कारण ही आज हम आजाद हैं।
उनके सपनों का भारत बनाना सभी का कर्तव्य है। बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने विभाग की ओर से लगे स्टॉल का निरीक्षण किया।
नेहरू युवा केंद्र की ओर से मेला स्थल पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। यह देश है वीर जवानों का... पर लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
जिला युवा समन्वयक अनिल चतुर्वेदी ने कहा कि नेहरू युवा केंद्र से जुड़े युवक-युवतियां देश हित के लिए सदैव समर्पित हैं।
न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल, प्राथमिक विद्यालय चक अहमदपुर आदि विद्यालयों के छात्राओं ने समूह गान और नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन सूर्यकांत मिश्र ने किया।
पूर्व माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति अध्यक्ष विवेक सिंह, अवनीश यादव, कुंवर सिंह यादव, डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. सुधाकर आदि ने श्रद्धांजलि दी।
दीनशाह गौरा ब्लॉक के चंदनिहा गांव से कलश में गंगा जल भरकर किसान शहीद स्मारक पर पहुंचे। यहां पर अमोल शर्मा जनकल्याण समिति के अध्यक्ष शिवबाबू शुक्ला, भिखारीलाल मिश्र, शत्रुघ्न सिंह, प्रभाशंकर, शिवबाबू आदि की अगुवाई में जलांजलि दी।
कहा कि क्षेत्र के आमोल शर्मा, बाबा जानकीदास, बद्री नारायन सिंह, लक्ष्मण सिंह समेत अन्य क्रांतिवीरों की दास्तां हमेशा याद रखी जाएगी।