फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अछूते 308 गांवों व मोहल्लों में पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवाएं, तैनात होंगी आशा

विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए शहर के साथ ही गांव स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का काम शुरू हो गया है।
विज्ञापन

सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए 308 आशा बहुओं के चयन की कवायद शुरू हो गई है। खासकर शहरी क्षेत्र में आशा बहुओं की कमी के कारण सभी मोहल्लों के घरों तक संपर्क नहीं हो पा रहा है।
शहर में 32 आशा बहुओं का चयन होगा। इसके लिए काम शुरू हो गया है। उम्मीद है कि इसी महीने चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने में आशा बहुएं अहम भूमिका निभा रही हैं। खासकर कोरोना के कहर के दौरान आशा बहुओं ने गांवों में संदिग्धों को चिह्नित करने के साथ ही अन्य कार्यों में अहम भूमिका निभाई।
विज्ञापन

इसके अलावा गर्भवती महिलाओं में शत-प्रतिशत टीकाकरण के साथ ही प्रसव का काम भी ईमानदारी से करवा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 2837 आशा बहुओं की जरूरत है, लेकिन 2561 आशा बहुएं ही काम कर रही हैं।
ऐसी स्थिति में 276 गांवों में आशा बहुएं न होनेे के कारण कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर बड़ी समस्या सामने आ सकती है।
इसी तरह शहर के सभी मोहल्लों में भी आशा बहुएं न होने के कारण विभाग का नेटवर्क सभी घरों तक पहुंच नहीं रहा है। शहरी क्षेत्र में भी 32 आशा बहुओं के चयन के आदेश दिए गए हैं।
शहर व गांवों को मिलकर 308 आशा बहुओं के चयन का काम शुरू हो गया है। इसी महीने चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अछूते गांवों में आशा बहुओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचनी शुरू हो जाएंगी।
कंट्रोल रूम हुआ सक्रिय, टीमें अलर्ट
नए वैरिएंट को लेकर कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया है। यहीं से पूरे जिले में नजर रखी जा रही है। कर्मचारियों की ड्यूटी भी बढ़ा दी गई है। कोरोना जांच, टीकाकरण सहित अन्य सूचनाएं भी रोजाना ब्लॉकों से मंगवाई जा रही है।
विभाग ने रिस्पांस टीमों को भी अलर्ट करने के साथ ही सीएचसी अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों पर नजर रखने के आदेश दिए हैं। कहीं भी संदिग्ध मिलते ही तत्काल जांच कराकर इलाज शुरू कराने के आदेश दिए गए हैं। खासकर बाहर से आने वाले लोगों पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। रेलवे और बस स्टेशन पर कोरोना की जांच बढ़ा दी गई है।
नए वैरिएंट से लड़ने को मिलेगा बल : विनय
एनएचएम के जिला शहरी समन्वयक विनय पांडेय का कहना है कि शहरी क्षेत्र में आशा बहुओं की कमी के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
32 आशा बहुओं के चयन के बाद मोहल्लों के घर-घर तक स्क्रीनिंग व अन्य स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का काम तेज हो जाएगा। साथ ही नए वैरिएंट से लोगों को बचाने के लिए पहले से ही तैयारी हो सकेगी। मोहल्लों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
दिव्यांग, निराश्रितों व वृद्धजनों के घरों में लगेंगे टीके
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना टीकाकरण को तेज करवा दिया है। खासकर एएनएम को घर-घर जाकर दिव्यांगों अक्षम, निराश्रितों वृद्धजनों को चिह्नित करके उनके घर में भी टीके लगाने के आदेश दिए गए हैं। पहली डोज न लगवाने वालों और दूसरी डोज की तारीख निकलने वालों की सूचियां बनाई जा रही है।
विज्ञापन

कहां कितनी आशा बहुओं का होगा चयन
ब्लॉक आशा का चयन
शहर 32
अमावां 05
बछरावां 15
राही 18
डलमऊ 37
गौरा 11
डीह 31
हरचंदपुर 01
जगतपुर 06
सतांव 18
खीरों 09
लालगंज 08
महराजगंज 12
नसीराबाद 10
सलोन 18
सरेनी 20
शिवगढ़ 10
ऊंचाहार 38
रोहनियां 09
कुल 308
शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 308 आशा बहुओं का चयन होगा। आशा बहुएं न होने के कारण संबंधित क्षेत्रों से नेटवर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है। नए वैरिएंट को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें