रायबरेली। टीबी (क्षय रोग) के खात्मे को लेकर अब जन आंदोलन चलेगा। इसके लिए शासन स्तर से छह महीने का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। शासन ने दिसंबर तक के कार्यक्रमों का शेड्यूल आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अभियान शुरू कराने की तैयारी में जुट गया है। पंचायत प्रतिनिधियों और धर्म गुरुओं की मदद से जिले को टीबी मुक्त करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। जिले में अभियान इसी महीने से शुरू होगा।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। जन आंदोलन के जरिए क्षय रोग उन्मूलन अभियान में तेजी लाई जाएगी। इसे लेकर जिले में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
शासन से तय कार्यक्रम के तहत जून माह में कारखानों जागरूकता कार्यशाला आयोजित होंगी। जुलाई में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिन नौ जुलाई को गर्भवती के लिए विशेष टीबी जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा।
संचारी रोग नियंत्रण माह, दस्तक अभियान के तहत टीबी रोगियों को खोजा जाएगा व जागरूकता फैलाई जाएगी। इसके साथ ही धार्मिक गुरुओं व पंचायतीराज प्रतिनिधियों के सहयोग से प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीबी के लक्षण, उपचार एवं देखभाल की जानकारी पर संवेदीकरण किया जाएगा। इसके अलावा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर भी जागरूकता कार्यक्रम होंगे।
अगस्त में इंडेक्स टीबी रोगी के हाउस होल्ड कांटेक्ट ट्रेसिंग एवं टीबी की रोकथाम के लिए विशेष अभियान का आयोजन होगा। अधिक संवेदनशील मलिन बस्तियों में टीबी की जांच के लिए शिविर लगेंगे।
सितंबर में टीबी और पोषण, अक्तूूबर महीने में क्षय रोग उन्मूलन में बच्चों और युवाओं की भूमिका पर जन आंदोलन छेड़ा जाएगा। नवंबर में सभी नगर पंचायतों एवं नगर पालिका में रोटरी व लायंस क्लब के सहयोग से प्रचार सामग्री का प्रदर्शन करते हुए अति संवेदनशील जनसंख्या वाले क्षेत्रों में स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया जाएगा।
दिसंबर माह में जिला अधिकारी के नेतृत्व में सभी सरकारी एवं निजी कार्य स्थलों पर टीबी के शमन के लिए अभियान चलाया जाएगा। वहीं लोगों को टीबी से बचने और बचाने का संकल्प भी लिया जाएगा।