रायबरेली। आयुष्मान भारत योजना के तहत चयनित गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने में जिले में रफ्तार धीमी है। 24 मार्च तक डेढ़ लाख परिवारों को गोल्डन कार्ड जारी किया जाना है।
लक्ष्य के मुकाबले अब तक अभियान के सात दिनों में मात्र 16, 824 गोल्डन कार्ड ही जारी किए जा सके हैं। तमाम प्रयासों के बाद भी जिले में मात्र 25 वीएलई (विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर) ही काम कर रहे हैं। इससे लक्ष्य की पूर्ति संशय में है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा के लिए 10 मार्च से विशेष अभियान शुरू किया गया है। अभियान में डेढ़ लाख परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में अधिक से अधिक वीएलई लगाकर शत प्रतिशत लक्ष्य को पूरा कराने का प्रयास शुरू किया गया, लेकिन मात्र 25 वीएलई ही काम कर रहे हैं। नतीजा अब तक मात्र 16, 824 गोल्डन कार्ड ही जारी किए जा सके हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी सुस्ती को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
शहर में यहां बनवाएं अपना गोल्डन कार्ड
शहर स्थित जिला महिला और पुरुष अस्पताल में गोल्डन कार्ड बनाने के लिए सेंटर खोला गया है। इसके अलावा शहर में ही आर्यावर्त आई हॉस्पिटल, द रिलीफ हॉस्पिटल, देव नर्सिंग होम, जेएन हॉस्पिटल, सिटी नर्सिंग होम, अर्पण नर्सिंग होम और सरयूदेवी अस्पताल बछरावां में भी सेंटर बनाया गया है।
अभियान में सात दिन में बने गोल्डन कार्ड
तारीख जारी गोल्डन कार्ड
10 मार्च 1040
11 मार्च 1133
12 मार्च 1519
13 मार्च 2844
14 मार्च 4247
15 मार्च 3183
16 मार्च 2858
कुल 16,824
चयनित लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने का विशेष अभियान चलाया गया है। अधीक्षकों को अधिक से अधिक वीएलई लगाकर तय समय में लक्ष्य के सापेक्ष गोल्डन कार्ड बनवाने के आदेश दिए गए हैं।
डॉ. बीरेंद्र सिंह, सीएमओ।