रायबरेली। राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी हारेगा देश जीतेगा एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान दो जनवरी से शुरू होगा। अभियान में कोरोना, टीबी स्क्रीनिंग, एचआइवी एवं डायबिटीज की जांच की जाएगी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की मलिन बस्तियों एवं हाई रिस्क क्षेत्रों में क्षय रोगियों की जांच की जाएगी। अभियान डिस्ट्रिक्ट लेवल के समन्वयक सीएमओ, एसीएमओ, डीटीओ व एमओआइसी के नेतृत्व में चलेगा।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि क्षय रोग एक गंभीर बीमारी है। दुनिया में करीब 14 लाख लोगों की मृत्यु हर साल टीबी से होती है। दुनिया के एक चौथाई मरीज भारत में हैं। 2025 तक बीमारी को खत्म करने का लक्ष्य है। जिले के अनाथालय, वृद्धाश्रम, नारी निकेतन व बाल संरक्षण गृह आदि स्थानों पर काम पूरा होने के बाद दो जनवरी 12 जनवरी तक जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की मलिन बस्तियों एवं हाई रिस्क क्षेत्रों में क्षय रोगियों की जांच की जाएगी।
अभियान में 280 टीमें व 56 सुपरवाइजर लगे
अभियान में जिले में 7.40 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जाएंगी। अभियान का मुख्य लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक क्षय रोग की उपलब्ध सुविधाओं को आम जनमानस तक पहुंचाना है। अभियान में 280 टीमें लगाई जाएंगी। 56 सुपरवाइजर अभियान पर नजर रखेंगे। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो हफ्तों से ज्यादा की खांसी, खांसते समय खून का आना, सीने में दर्द, बुखार, वजन का कम होने की शिकायत हो तो वह तत्काल अपने बलगम की जांच कराए। क्षय रोगियों की जांच एवं उपचार निशुल्क उपलब्ध है।