रायबरेली। जिले के 54 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। भीषण गर्मी और उमस के बीच कम लोग इलाज कराने पहुंचे। दोपहर बाद अस्पतालों में सन्नाटा देखने को मिला। मेले में सर्दी, जुकाम के रोगियों की संख्या ज्यादा रही। चिकित्सकों ने इलाज के बाद रोगियों को दवा बांटी। संक्रामक रोगों से बचने की सलाह दी। मेले में 2210 रोगियों की सेहत जांची गई।
बुखार से पीड़ित 330 रोगी आए। सर्दी जुकाम के 401 मरीज पहुंचे। सांस के 95 रोगियों की सेहत जांची गई। खुजली के 109 रोगियों का उपचार किया गया। खीरों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एकौनी, दृगपालगंज, देवगांव में रोगी इलाज कराने पहुंचे। गर्मी के चलते मरीजों की संख्या कम रही। अधीक्षक डॉ. भावेश सिंह ने बताया कि बारिश कम होने के कारण उमस व गर्मी है। सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीज आए थे। जांच के बाद दवा दी गई। डीह के बेतौरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाॅ. डीएन चौधरी ने 66 रोगियों का चेकअप के बाद दवा दी।
जगतपुर के हरदीटीकर सीएचसी में 46 मरीजों आए। डॉ. सुफैल अंसारी ने बताया कि बुखार, खांसी, त्वचा रोग, पेट दर्द, गैस के मरीज आए। सभी का इलाज किया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य कठगर में 64 मरीजों का उपचार किया गया। डॉ. अकील अहमद ने इलाज के बाद गर्मी व उमस से बचने की सलाह दी। इसी तरह परशदेपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 65, महराजगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घोरौना, हरदोई में 76 मरीजों ने इलाज कराया। सरेनी के तेजगांव, दीनशाह गौरा के जलालपुर धई, गोविंदपुर माधव, रसूलपुर धरावां, सतांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहजौरा व सतांव 70 मरीजों का इलाज किया गया।
ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर ने किया निरीक्षण
हरचंदपुर। ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डिघौरा में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में मरीजों की भीड़ रही। दोपहर दो बजे तक कुल 56 मरीजों का पंजीकरण कर उनका उपचार किया गया। इनमें अधिकांश मरीज बुखार एवं संक्रमण से पीड़ित पाए गए। इस दौरान सीएचसी हरचंदपुर की ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर आरती सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवा वितरण व्यवस्था, साफ-सफाई तथा अभिलेखों का जायजा लिया।