रायबरेली। अपने कार्यों और दायित्वों का निर्वहन न करने के आरोप में जगतपुर विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय शंकरपुर के प्रधानाध्यापक वृंदावन यादव को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी की आख्या के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पीएन सिंह ने की है। आख्या में यह बात भी प्रमुख रूप से दर्शायी गई कि हेडमास्टर ने नामांकन बढ़ाने के लिए अपने ही स्कूल के सहयोगी शिक्षक एवं शिक्षामित्र के बच्चों का नाम अंकित कर लिया है, जबकि ये बच्चे दूसरे स्कूल में पढ़ते हैं।
जगतपुर के खंड शिक्षा अधिकारी राजेश राम ने 20 सितंबर को अपनी आख्या बीएसए को सौंपी थी, जिसका अवलोकन करने के बाद बीएसए ने निलंबन की कार्रवाई की। बीईओ ने आख्या में बताया था कि हेडमास्टर ने नामांकन संख्या बढ़ाने के लिए अपने ही स्कूल के सहयोगियों के बच्चों का नाम अंकित किया, जबकि बच्चे दूसरे स्कूल में पढ़ते हैं। यही नहीं, हेडमास्टर का सहयोगियों पर नियंत्रण नहीं है, जिससे वाद-विवाद की स्थिति बनी रहती है। विद्यालय का शैक्षिक वातावरण दूषित रहता है। हेडमास्टर अक्सर विलंब से आते हैं।
बीईओ ने बताया कि कार्य एवं दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से न होने के कारण विद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता भी अच्छी नहीं है। बीएसए ने हेडमास्टर को निलंबित करते हुए बीईओ दफ्तर से संबद्ध किया और बीईओ गौरा को जांच अधिकारी नामित किया है। बता दें कि हेडमास्टर के खिलाफ उसी स्कूल की एक शिक्षिका से विवाद चल रहा है। मामले की शिकायत डीएम और बीएसए से की गई थी। साथ ही शिक्षिका ने 23 सितंबर को जगतपुर कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।