ऊंचाहार। दलित हरिओम वाल्मिकी हत्याकांड का मामला सुप्रीमकोर्ट पहुंच गया है। हरिओम के पिता गंगा दीन ने पांच आरोपियों को हाईकोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने दायर की गई याचिका की सुनवाई की तिथि 29 सितंबर तय की है। कोर्ट ने आरोपियों को नोटिस भेज जवाब मांगा है।
फतेहपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के पूरे तुराबअली गांव निवासी हरिओम वाल्मीकि को डाड़ेपुर गांव के पास एक अक्तूबर 2025 की रात कुछ लोगों ने चोर समझकर पकड़ा और ईश्वरदासपुर रेलवे स्टेशन के पास पीटकर मार डाला था। घटना के समय वह अपनी ससुराल नई बस्ती मजरे ऊंचाहार देहात जा रहे थे।
मामले में पुलिस ने डाड़ेपुर मजरे ईश्वरदासपुर गांव के वैभव सिंह, विपिन मौर्य, बड़े उर्फ हेमंत मौर्य, उमेश उर्फ नान्हू व अखिलेश कुमार मौर्य, बाहरपुर गांव के सहदेव पासी, विजय कुमार मौर्य व सुरेश कुमार मौर्य, गदागंज थाना क्षेत्र के मखदूमपुर निवासी शिवप्रसाद अग्रहरि, पूरे बनियन पचखरा गांव के दीपक अग्रहरि, शिवम अग्रहरि, छोटू उर्फ सुजीत अग्रहरि, अविनेश उर्फ सौरभ सिंह बघेल व अजय अग्रहरि, डलमऊ के करकसा निवासी पीयूष कुमार, मिर्जा इनायतउल्लापुर (पट्टी) गांव के आशीष पासी व जितेंद्र कुमार उर्फ लल्ली पासी को पकड़कर जेल भेजा था। घटना के करीब पांच माह बाद हाईकोर्ट से सभी 17 आरोपियों को जमानत मिल गईं थी। अब हरिओम के पिता ने आरोपी विजय मौर्य, सुरेश मौर्य, विपिन मौर्य, उमेश मौर्य उर्फ नान्हू व वैभव सिंह की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है। कोर्ट ने पांचों आरोपियों को डाक से नोटिस भेजकर तय तिथि पर स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से जवाब देने को कहा है। (संवाद)