बारिश न होने और माइनरों और रजबहों में सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से करीब पांच लाख किसानों की फसलें सूख रही हैं। सूखे के हालात से अन्नदाता परेशान हैं।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने सभी पंपों को पूरी क्षमता से चलाकर किसानों को पानी मुहैया कराने के आदेश दिए हैं, लेकिन सिंचाई विभाग के अफसरों को डीएम के आदेश से कोई लेना-देना नहीं है।
डलमऊ पंप कैनाल में गंगा नदी से पानी आता है। इसमें पानी आपूर्ति के लिए गंगा तट पर 20 पंप लगाए गए हैं। पंप को चलाने के लिए शासन ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने भी पंपों को चलाने के लिए बिजली देने के निर्देश दिए हैं। डलमऊ बी कैनाल से करीब 30 माइनरें और 12 रजबहे निकले हैं। पंप को चलाने की जिम्मेदारी सिंचाई खंड छह के पास है।
खंड छह के कर्मचारी दिन में तो पंप चलाते हैं, लेकिन रात में पंप बंद कर देते हैं। इससे रजबहों और माइनरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। डलमऊ पंप कैनाल से करीब पांच लाख से ज्यादा किसान फसलों की सिंचाई करते हैं।
अफसर भी समस्या हल करने के बजाय एक दूसरे पर आरोप लगा रहे है। इसका खामियाजा इनसे जुड़े करीब पांच लाख किसानों को भुगतना पड़ रहा है।