सरेनी। हैदरगढ़ चीनी मिल का सरेनी गन्ना क्रय केंद्र 10 मार्च को बंद कर दिया गया था जिससे गन्ना उत्पादक किसान परेशान हैं। करीब 30 बीघे में खड़ा गन्ना खेतों में ही फंसा हुआ है। वहीं कांटा क्लर्क भी बोरिया-बिस्तर समेटकर जा चुके हैं। एक दर्जन गन्ना लदी ट्रॉलियां किसानों के दरवाजे पर तौल का इंतजार कर रही हैं।
पहुरी गांव के लक्ष्मी शंकर सिंह ने बताया कि 14 किसानों का लगभग 30 बीघे में खड़ा गन्ना अभी तक नहीं खरीदा गया है। सरेनी क्षेत्र में करीब सात हजार क्विंटल गन्ना खेतों में ही खड़ा है। गन्ना खरीद न होने से किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। किसानों का कहना है कि पहले तीन नोटिस के बाद पर्चियां मिलती थीं, लेकिन इस बार एक नोटिस के बाद ही मिल बंद कर दी गई।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि गन्ने की तौल नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। गन्ना सचिव राम प्रकाश यादव ने बताया कि मिल अधिकारियों से बात की गई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि बीज के लिए गन्ने की खरीद की जाएगी। उन्होंने किसानों को परेशान न होने की सलाह दी है।